scorecardresearch
 

पेड़ लगाने की परंपरा ने रौशन किया बिहार का नाम

भागलपुर की धरती पर बीते ई दशकों से ऐसा काम हो रहा है जिसने देश दुनिया में बिहार का नाम रौशन किया है. कन्या भ्रूण हत्या की समस्या से जूझ रही कुव्यवस्था पर कुठाराघात कर भागलपुर के धरहरा गांव के लोगों ने एक मिसाल कायम की है.

Advertisement
X
गणतंत्र दिवस परेड में बिहार की झांकी
गणतंत्र दिवस परेड में बिहार की झांकी

भागलपुर की धरती पर बीते ई दशकों से ऐसा काम हो रहा है जिसने देश दुनिया में बिहार का नाम रौशन किया है. कन्या भ्रूण हत्या की समस्या से जूझ रही कुव्यवस्था पर कुठाराघात कर भागलपुर के धरहरा गांव के लोगों ने एक मिसाल कायम की है.

लोग यहां कन्या के जन्म से घबराते नहीं हैं बल्कि उसे लक्ष्मी का अवतार मानकर उसका स्वागत करते हैं. इस गांव में 100 वर्ष से भी पुरानी परंपरा है कि कन्या के जन्म पर यहां दस पेड़ लगाये जाते हैं. यह पंरपरा न सिर्फ गांव की समृद्धि बल्कि पर्यावरण के लिए वरदान साबित हो रही है.

यहां कथा प्रचलित है कि धरहरा के ग्रामीण सिकंदर सिंह के घर से पोती के जन्म के बाद 10 फलदार पेड़ लगाने की शुरुआत हुई. बाद में इस बेहतरीन परंपरा का गांव के लोगों ने अनुकरण करना शुरू किया.

गांव में 300 साल का एक पुराना पीपल का पेड़ भी है जो मानो गांव की इस लोक परंपरा की कहानी बताता है. लोगों की धारणा है कि पेड़ लगाने से बाद में ये ही वृक्ष कन्या के विवाह में सहारा देते हैं.

Advertisement

विज्ञान की एक प्रतिष्ठित पत्रिका ने धरहरा गांव की तारीफ करते हुए लिखा है, ‘भागलपुर का यह गांव बेटियों और पेड़ों का गांव है. बालिका के जन्म पर आम के 10 पेड़ लगाने की परंपरा वहां अब व्यापक रूप ले चुकी है.’ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस गांव की तारीफ करते हुए कहते हैं कि वह जिस किसी स्थान पर जायेंगे धरहरा का संदेश जरूर प्रसारित करेंगे. इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह में राजपथ की झांकी में भी इस परंपरा का प्रदर्शन किया गया था.

इस गांव की प्रसिद्धि के कारण अन्य गांवों में भी पेड़ लगाने की परंपरा का अनुकरण होने लगा है. जिले के नवगछिया अनुमंडल में भी इसका अनुपालन हो रहा है जिससे नवगछिया भी हरा भरा हो गया है. धरहरा के निवासी सुबोध सिंह कुशवाहा कहते हैं कि बेटियों का विवाह करते समय लोगों के माथे पर अब शिकन नहीं होती. लोगों को कन्या का विवाह करने के लिए कर्ज लेने की नौबत नहीं आती. ये पेड़ ही सहारा देते हैं.

नवगछिया के अनुमंडल पदाधिकारी सुशील कुमार ने बताया कि प्रशासन भी धरहरा के गांव के लोगों को वृक्षारोपण अभियान में सहयोग कर रहा है. धरहरा की संस्कृति के कारण महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिल रहा है. प्रशासन ने निर्णय किया है कि लोग यदि जमीन उपलब्ध करायें तो सरकार बगीचे लगाने के लिए मदद देगी.

Advertisement

कुमार के अनुसार, मनरेगा योजना के तहत अनुमंडल में सात लाख पेड़ लगाने का लक्ष्य निधारित किया गया है.

Advertisement
Advertisement