आदर्श हाउसिंग सोसायटी घोटाले से महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल आया हुआ है लेकिन इसके जल्दी थमने की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है क्योंकि कांग्रेस विवादित मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण के भविष्य पर फैसला करने में किसी जल्दबाजी में नहीं दिख रही है.
मुंबई में आदर्श सोसायटी पर जारी विवाद को लेकर सेना कोर्ट आफ इंक्वायरी (सीओआई) का आदेश देने की तैयारी में है जबकि रक्षा मंत्रालय घोटाले में कथित रूप से शामिल सेवारत अधिकारियों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करने की योजना है.
पर्यायवरण मंत्री जयराम रमेश ने कहा कि इस 31 मंजिला इमारत के कुछ शीर्ष मंजिलें तोड़ी जा सकती हैं क्योंकि उनका निर्माण नियमों का उल्लंघन करके किया गया है. कांग्रेस की स्थिति से साफ है कि चव्हाण के भविष्य का फैसला करने में समय लग सकता है क्योंकि पार्टी को विवादित मुद्दे से जुड़े दस्तावेजों का अध्ययन करने में और समय की जरूरत है.
वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने यहां कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘रविवार रात मैंने कहा था कि दस्तावेजों का अध्ययन करने और पार्टी अध्यक्ष को रिपोर्ट देने के लिए हमें और समय की जरूरत है.’ मुखर्जी ने कहा, ‘सोनिया गांधी के साथ सोमवार की बैठक में महाराष्ट्र के मुद्दे पर चर्चा नहीं हुई. चर्चा एआईसीसी बैठक से जुड़े मुद्दों को लेकर हुई.’ {mospagebreak}
बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष के राजनीतिक सलाहकार अहमद पटेल और वन एवं पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने भी हिस्सा लिया. समिति के अन्य सदस्य रक्षामंत्री एके एंटनी हैं. माना जा रहा है कि कांग्रेस आलाकमान इस सप्ताह शुरू हो रही अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की वजह से चव्हाण पर जल्दबाजी में कोई कार्रवाई करने से बच रहा है.
उधर, महाराष्ट्र में मुख्य विपक्षी दलों के नेताओं ने राज्यपाल के. शंकरनारायणन से मुलाकात की और आदर्श सोसायटी घोटाले को लेकर अशोक चव्हाण सरकार को बख्रास्त करने की मांग की. राज्यपाल से मिलने वाले शिष्टमंडल में भाजपा और शिवसेना के नेता शामिल थे और इसका नेतृत्व प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता एकनाथ खड़से ने किया.
उधर विवादों में घिरे चव्हाण सोमवार सुबह मुंबई रवाना हो गये. राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि प्रणव से मुलाकात के लिए चव्हाण राजधानी में रुके हुए थे. वित्त मंत्री रविवार देर शाम पश्चिम बंगाल से पहुंचे हैं. चव्हाण ने इस विवादास्पद मसले पर रविवार को सोनिया से मिलकर इस्तीफे की पेशकश की थी. {mospagebreak}
आदर्श हाउसिंग सोसायटी को कारगिल युद्ध के नायकों की विधवाओं और परिवारों के लिए बनाया जाना था लेकिन इसमें अन्य लोगों को कथित तौर पर फ्लैट का आवंटन किए जाने की बात सामने आने के बाद विवाद उठा है. सोनिया ने प्रणव और महाराष्ट्र में पार्टी मामलों के प्रभारी एंटनी से इस मुद्दे पर पड़ताल करने और रिपोर्ट देने को कहा था.
कांग्रेस पार्टी ने महाराष्ट्र के अपने नेताओं को सलाह दी है कि वे इस घोटाले के मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देने से बचें। पार्टी प्रवक्ता शकील अहमद ने कहा, ‘जांच दो वरिष्ठ एवं बेदाग नेताओं द्वारा की जा रही है और अगर कोई इस मामले में कुछ बोलना चाहता है तो वह इन नेताओं से कहे.’
वहीं केंद्रीय मंत्री विलासराव देशमुख ने कहा कि तत्कालीन राजस्व मंत्री के रूप में मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने घोटाले में शामिल विवादित आदर्श सोसायटी को नियमों में बदलाव करने और असैनिकों को शामिल करने के लिए कहा था. {mospagebreak}
देशमुख ने कहा, ‘शुरू में जो आवेदन किया गया था उसमें सैन्यकर्मियों के लिए आवास बनाने का जिक्र था. वह मुख्य प्रस्ताव था, लेकिन अंतत: बीच में यह हुआ कि उन्होंने उपनियमों को बदल दिया.’ उन्होंने कहा, ‘तत्कालीन राजस्व मंत्री अशोक चव्हाण द्वारा सोसाइटी को उपनियमों में परिवर्तन करने के लिए कहा गया था.’
कांग्रेस सांसद संजय निरूपम ने कहा, ‘कांग्रेस के अलावा शिवसेना ने इस घोटाले में बड़ी भूमिका निभाई है. यह पूरा घोटाला वर्ष 1999 में शिवसेना सरकार के समय में ही शुरू हुआ था. पर्यायवरण संबंधी स्वीकृति भी शिव सेना के मंत्रियों द्वारा दी गई थी.’ आदर्श सोसायटी के प्रमोटरों ने बिजली आपूर्ति रोकने तथा इसके सदस्यों को जारी कब्जा प्रमाणपत्र रद्द करने के बेस्ट और एमएमआरडीए के फैसले के खिलाफ बंबई उच्च न्यायालय में जाने का फैसला किया है.