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उत्तरकाशी में भूस्‍खलन, 8000 तीर्थयात्री फंसे

उत्तराखंड में बादल फटने के बाद जमीन धंसने से भारी तबाही मची है. उत्तरकाशी के बरकोट में लैंडस्लाइड के बाद यमुनोत्री-गंगोत्री का रास्ता बंद हो गया है. रास्ता बंद होने से 6 से 8 हजार सैलानी जगह-जगह फंस गए हैं.

उत्तराखंड में बादल फटने के बाद जमीन धंसने से भारी तबाही मची है. उत्तरकाशी के बरकोट में लैंडस्लाइड के बाद यमुनोत्री-गंगोत्री का रास्ता बंद हो गया है. रास्ता बंद होने से 6 से 8 हजार सैलानी जगह-जगह फंस गए हैं.

फंसे हुए लोग अपना सामान और गाड़ी छोड़कर भी वहां से निकलने की कोशिश कर रहे हैं. लेकिन कोई रास्ता नहीं मिल रहा. इंतजार है कि मौसम साफ हो और सरकार रास्ता खुलवाए. लेकिन लगातार बारिश की वजह से चट्टानें गिर रही हैं और सरकारी मदद की भी कोई गुंजाइश नहीं है.

उत्तराखंड के ही मुनस्यारी इलाके में बादल फटने से एक पूरा गांव बह गया है. कूरी जिमिया गांव के सभी 41 घर गोरी नदी में समा गए.  प्रशासन ने राहत अभियान चलाया है. गांववालों को टेंटों में रखा गया है.

इस घटना से इलाके में दहशत है. अभी भी तेज बारिश हो रही है, जिससे खतरा बना हुआ है और 60 गांवों पर खतरा बना हुआ है. इस इलाके में बादल फटने की ये 18वीं घटना है.

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