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जेटली के पास है सबसे ज्यादा कैश, कई मंत्रियों ने नहीं दी जानकारी

मंत्रियों के लिए आचार संहिता में कहा गया है कि वे हर साल प्रधानमंत्री कार्यालय के साथ अपनी संपत्ति और देनदारियों का ब्यौरा फाइल करें.

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अरुण जेटली
अरुण जेटली

नोटबंदी के बाद कैश रखने वालों की जान आफत में आ गई है. ज्यादा कैश रखने वालों को आयकर का डर सताने लगा है तो कम कैश रखने वाले बैंकों के बाहर लाइन में खड़े दिखाई दे रहे हैं. लेकिन बैंकों के बाहर लगी लाइनों से नेता, उद्योगपति नदारद हैं. लेकिन 31 मार्च, 2016 तक सार्वजनिक रूप से उपलब्ध डेटा बताते हैं कि मोदी सरकार के मंत्रियों के पास बड़ी संख्या में नकदी है.

मंत्रियों के लिए आचार संहिता में कहा गया है कि वे हर साल प्रधानमंत्री कार्यालय के साथ अपनी और देनदारियों का ब्यौरा फाइल करें. 'द हिंदू' की खबर के मुताबिक कॉमनवेल्थ ह्यूमन राइट्स इनिशिएटिव द्वारा जुटाए गए डेटा बताते हैं कि वर्तमान में 76 मंत्रियों में से केवल 40 ने अपनी नकद राशि की घोषणा की है.

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केंद्रीय वित्त मंत्री कैश रखने के मामले में सभी मंत्रियों में शीर्ष पर हैं. उनके पास 65 लाख रुपये कैश था. दूसरे नंबर पर श्रीपद नाइक, राज्य मंत्री (स्वतंत्र) हैं, इनके पास 22 लाख और हंसराज अहीर, राज्य मंत्री (गृह) के पास 10 लाख था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की थी कि उनके पास 89,700 रुपये नकद हैं. 23 मंत्रियों के पास 2 लाख रुपये से कम का कैश था, जबकि 15 के पास 2.5 लाख से ज्यादा कैश था.

परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर और जल संसाधन मंत्री उमा भारती ने पीएमओ के साथ अपनी संपत्ति की घोषणा नहीं की थी.

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