इंदौर से छिंदवाड़ा की ओर जाने वाली पंचवेली एक्सप्रेस के प्रथम श्रेणी कोच में मिले बच्चे के शव की शिनाख्त हो गई है. बच्चा भोपाल के बैरागढ़ का रहने वाला था. बच्चे के माता-पिता ने एक दूसरे पर हत्या का आरोप लगाया है. ज्ञात हो कि फास्ट पैसेंजर ट्रेन के प्रथम श्रेणी कोच के बर्थ क्रमांक चार पर बच्चे की लाश उस समय देखी गई थी जब कीरतगढ़ स्टेशन पर एक यात्री ने सोने के लिए सीट खोली थी. इसके बाद ट्रेन के बैतूल रेलवे स्टेशन पर पहुंचने पर लाश को निकाला गया.
इस घटना के तीन दिन बाद शनिवार को बच्चे की शिनाख्त भोपाल के बैरागढ़ निवासी संतोष कुमार नवलानी तथा रीता के पुत्र विकास के तौर पर हुई. बैतूल के जीआरपी पुलिस के मुताबिक, 'शव के वीडियो फुटेज देखकर संतोष व रीता ने विकास को उसके कपड़े से पहचाना'. जीआरपी पुलिस को दिए बयान में पीड़ित दम्पत्ति ने एक-दूसरे पर बच्चे के अपहरण एवं हत्या करने के आरोप लगाया है.
बच्चे के पिता ने बताया कि लगभग छह वर्ष पूर्व उसका विवाह रीता उर्फ कशिश से हुआ था. विवाह के डेढ़ वर्ष बाद उसके पुत्र विकास का जन्म हुआ, जिसके बाद से दोनों में विवाद शुरू हो गया. पति-पत्नी अलग रह रहे हैं और उनका तलाक का प्रकरण चल रहा है.
संतोष ने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर विकास की हत्या या तो खुद की है या उससे करवाई है. दूसरी ओर, रीता ने पति के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए बताया, 'मुझ पर झूठा आरोप लगाकर पति एवं ससुराल वालों ने पुलिस की मदद से मुझे घर से निकाल दिया था जिसके बाद से मैं बच्चों के साथ बैरागढ़ में रह रही थी.'
रीता के मुताबिक, 'नौ अप्रैल की शाम को विकास घर के समीप स्थित गली में खेल रहा था और शाम छह बजे वह अचानक गायब हो गया. इसके बाद मैंने उसकी गुमशुदगी बैरागढ़ थाने में दर्ज कराई थी. बेटे की मौत से दुखी रीता ने आरोप लगाया कि उसके पति और ससुराल वालों ने विकास का अपहरण कर हत्या करवाई है.'