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जेल से भागे पांच सिमी आतंकवादी सुरक्षा के लिए प्रमुख चुनौती: राजनाथ सिंह

प्रतिबंधित संगठन सिमी के पांच आतंकवादी जो मध्य प्रदेश की एक जेल से भाग गए थे, देश के लिए एक बड़ी सुरक्षा चुनौती के रूप में उभरे हैं और गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से उन्हें पकड़ने के लिए तत्काल कदम उठाने को कहा है.

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राजनाथ सिंह राजनाथ सिंह

प्रतिबंधित संगठन सिमी के पांच आतंकवादी जो मध्य प्रदेश की एक जेल से भाग गए थे, देश के लिए एक बड़ी सुरक्षा चुनौती के रूप में उभरे हैं और गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से उन्हें पकड़ने के लिए तत्काल कदम उठाने को कहा है.

चौहान को लिखे एक पत्र में सिंह ने कहा कि सिमी के पांच विचाराधीन आतंकवादी एक अक्तूबर 2013 को राज्य की खंडवा जेल से फरार हो गए थे, लेकिन एक साल से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी उन आतंकवादियों को अब तक नहीं गिरफ्तार किया जा सका है. सिंह ने कहा कि यह मानने के लिए वजहें हैं कि सिमी के भागे हुए आतंकवादियों के इस समूह ने बम विस्फोटों को अंजाम दिया है और देश के अन्य हिस्सों में अन्य अपराध किए हैं.

उन्होंने लिखा, 'वास्तव में, यह समूह देश के लिए एक प्रमुख सुरक्षा चुनौती के रूप में उभरा है और विभिन्न राज्यों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों की गिरफ्तारी से बच रहा है.' गृह मंत्री ने मुख्यमंत्री से कहा कि सिमी के आतंकवादी मध्य प्रदेश के हैं और इसलिए उन्हें वापस लाने की प्राथमिक जिम्मेदारी राज्य पुलिस की है.

आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि केंद्रीय खुफिया एजेंसियों द्वारा मुहैया कराई गई सूचना के आधार पर सभी राज्यों को सिमी के पांच आतंकवादियों के लिए सतर्क रहने को कहा गया है. इन आतंकवादियों में मोहम्मद ऐजाजुद्दीन, मोहम्मद असलम, अमजद खान, जाकिर हुसैन सादिक और महबूब गुड्डू शामिल हैं. इन पांच में से कम से कम दो आतंकवादियों के बारे में आखिरी सूचना उनके कर्नाटक में होने के संबंध में थी.'

इन पांच आतंकवादियों के साथ समूह का नेता फैसल और एक अन्य कैदी 14 फुट उंची दीवार को फांद कर जिला जेल से फरार हो गया था. सातवें कैदी ने अगले ही दिन आत्मसमर्पण कर दिया था, जबकि फैसल को दिसंबर 2013 में गिरफ्तार कर लिया गया था. इस बीच महबूब की मां नजमा बी पिछले साल से खंडवा में अपने घर से लापता है. समझा जाता है कि वह अपने पुत्र के साथ छिपी हुई है.

इस गिरोह के एक फरवरी 2014 को तेलंगाना के करीमनगर में हुई बैंक डकैती में शामिल होने का संदेह है. इसके अलावा एक मई 2014 को चेन्नई सेंट्रल स्टेशन पर बंगलुरु. गुवाहाटी ट्रेन में हुए विस्फोट तथा 10 जुलाई 2014 को पुणे के पास विस्फोटों में भी शामिल होने का संदेह है.

उन्हें पहली बार जून 2011 में पुलिसकर्मियों की हत्या, बैंक डकैतियां और सिमी के लिए काम करते हुए सांप्रदायिक तनाव भड़काने के आरोपों में गिरफ्तार किया गया था.

 इनपुट: भाषा

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