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शिन्गनापुर में बदली 300 साल पुरानी पूजा विधि

महाराष्ट्र के मशहूर शनि शिंगनापुर मंदिर में अब भक्त शनिदेव की मूर्ति पर तेल अर्पित नहीं कर पाएंगे. ना ही मूर्ति छूकर सर नवा पाएंगे.

शिंगनापुर मंदिर शिंगनापुर मंदिर

महाराष्ट्र के मशहूर शनि शिंगनापुर मंदिर में अब भक्त शनिदेव की मूर्ति पर तेल अर्पित नहीं कर पाएंगे. ना ही मूर्ति छूकर सर नवा पाएंगे. बल्कि अब उन्हें दूर से ही शनि भगवान के दर्शन करने होंगे. पूजा का ये तरीका इस मंदिर में 300 साल पुराना था, पर अब इसे बदल दिया गया है.

शनिदेव की पूजा के इस तरीके पर मंदिर ट्रस्ट ने रोक लगा दी है. ट्रस्ट के मुताबिक इस एतिहासिक मूर्ति के संरक्षण के लिए जरूरी था.

अहमदनगर के पास शनि शिंगनापुर मंदिर में पूजा की विशेष विधि थी. गेरुए वस्त्रों में शनिदेव पर तेल अर्पित करना इसी विधि का हिस्सा था. पूजा की टोकरी के नाम पर मंदिर के बाहर बनी दुकानों में भक्त अक्सर ठग लिए जाते थे. इसीलिए भक्त भी इस फैसले से खुश हैं.

मान्यता है कि शनि शिंगनापुर में गीले वस्त्र पहनकर, मूर्ति के स्पर्श कर तेल अभिषेक करने से शनि की साढ़ेसाती से निजात मिलती है, मुमकिन है कि कुछ शनिभक्त इस पर भी सवाल उठा दें.

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