scorecardresearch
 

नोटबंदी के 30 दिन, जानिए क्या हैं नफा-नुकसान

मोदी सरकार की ओर से नोटबंदी का ऐलान किए एक महीने बीत गए. 8 नवंबर की रात पीएम ने ऐलान के साथ ही एक झटके में 500 और 1000 के पुराने नोट बेकार हो गए. अगले दिन बैंकों में पुराने नोट बदलवाने और एटीएम से पैसे निकालने के लिए लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं. कहा गया कि लोगों की ये दिक्कतें बस कुछ दिनों की हैं. भ्रष्टाचार, काला धन, आतंकवाद और जाली नोटों पर शिकंजा कसने के लिए ये कदम उठाना जरूरी था. लेकिन 30 दिन बीत जाने के बाद लोगों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं. हालांकि ब्लैक मनी के तौर पर हजारों करोड़ की रकम सामने आई है. सरकार ने इस दौरान लोगों की सहूलियत के लिए कई कदम भी उठाए.

X
नोटबंदी के दौर में कतार नोटबंदी के दौर में कतार

मोदी सरकार की ओर से नोटबंदी का ऐलान किए एक महीने बीत गए. 8 नवंबर की रात पीएम ने ऐलान के साथ ही एक झटके में 500 और 1000 के पुराने नोट बेकार हो गए. अगले दिन बैंकों में पुराने नोट बदलवाने और एटीएम से पैसे निकालने के लिए लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं. कहा गया कि लोगों की ये दिक्कतें बस कुछ दिनों की हैं. भ्रष्टाचार, काला धन, आतंकवाद और जाली नोटों पर शिकंजा कसने के लिए ये कदम उठाना जरूरी था. लेकिन 30 दिन बीत जाने के बाद लोगों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं. हालांकि ब्लैक मनी के तौर पर हजारों करोड़ की रकम सामने आई है. सरकार ने इस दौरान लोगों की सहूलियत के लिए कई कदम भी उठाए. आइए नजर डालते हैं कि नोटबंदी के फैसले का एक महीने में क्या असर हुआ...

फायदे:

कैशलेस ट्रांजैक्शन
नोटबंदी के बाद देश कैशलेस ट्रांजैक्शन की तरफ बढ़ा है. ऑनलाइन खरीदारी के बाजार में तेजी आई है. मोबाइल एप्प आधारित पेमेंट सेवाओं की तरफ लोगों का झुकाव बढ़ा है.

भ्रष्टाचारियों पर शिकंजा
नोटबंदी के ऐलान के बाद काली कमाई के कुबेरों पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है. ऐसे लोगों के 8 नवंबर की रात से पुराने नोटों के तौर पर जमा किए करोड़ों रुपये बेकार हो गए हैं. सरकार ने बैंकों में जमा की जाने वाली रकम पर नजर रखनी शुरू कर दी है. आमदनी के ज्ञात स्रोत से ज्यादा की रकम जमा करने वालों पर टैक्स और पेनल्टी के प्रावधान किए गए हैं.

मजबूत हुई अर्थव्यवस्था
नोटबंदी के ऐलान के बाद जाली नोट एक झटके में खत्म हो गए. तिजोरियों में रखा पैसा बैंकों में आ गया. बैंकों में जमा पैसे से बाजार में नकदी बढ़ेगी. अचानक 12 लाख करोड़ जमा होने से बैंक मजबूत हुए. इससे देश की इकोनॉमी के विकास को बल मिला.

फिजूलखर्ची पर लगाम
कैश की कमी से फिजूलखर्ची भी कम हुई है. लोग शादियों में काफी पैसे खर्च करते हैं. अगर कम पैसे हों तो भी ये शादी हो सकती हैं. लेकिन शादी में खर्च करना स्टेटस सिंबल बन गया है. नोटबंदी के बाद ऐसी फिजूलखर्ची पर लगाम लगी है.

नुकसान:

कैश की किल्लत
नोटबंदी के 30 दिन बाद भी एटीएम और बैंकों में लंबी कतारें लग रही हैं. बैंकों और एटीएम में कैश की किल्लत एक महीने बाद भी बरकरार है. सुबह होते ही एटीएम के बाहर कतार लग जाती है. सैलरी निकालने के लिए लोग लंबी कतारों में खड़े हैं. तय सीमा के मुताबिक बैंक से कैश नहीं मिल रहा है.

भ्रष्टाचार को बढ़ावा
नोटबंदी के बाद तमाम बैंकों में उनके कर्मचारियों द्वारा ही काला धन को सफेद किए जाने की खबरें आईं. ये कर्मचारी कमीशन के एवज में ब्लैक मनी को सफेद करने में जुटे थे. ऐसे मामलों को लेकर कई जगह छापेमारी हुई और कुछ गिरफ्तारियां भी हुईं. यानी नोटबंदी के बाद इस तरह के भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिला.

प्रवासी मजदूरों का पलायन
रोजी-रोटी के लिए महानगरों का रुख करने वाले मजदूरों पर नोटबंदी की मार पड़ी है. एक अनुमान के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर से करीब 40 फीसदी प्रवासी मजदूरों का अपने घरों की ओर पलायन हुआ है. इनकी दिहाड़ी कैश आधारित थी लेकिन कैश की किल्लत के चलते इनकी कमाई पर असर पड़ा.

कतार में मौतें
एटीएम और बैंकों के बाहर कतारों में लगे लोगों में कुछ की मौतें भी हुई हैं. कहा जा रहा है कि देशभर में तकरीबन 80 से ज्यादा लोग एटीएम और बैंकों के बाहर लगी लंबी कतारों में अपनी जान गवां बैठे.

जन-धन खातों में ब्लैक मनी!
नोटबंदी की आड़ में करोड़ों रुपये का कालाधन बदला है. लोगों ने काला धन खपाने के लिए कई तरीके निकाले. कई लोगों ने दूसरे के जन-धन खातों में अपनी ब्लैक मनी जमा कर दी. एक अनुमान के मुताबिक नौ नवंबर तक इन खातों में 45 हजार 627 करोड़ रुपये की जमाराशि‍ थी. यह राशि‍ 30 नवंबर को 74 हजार 322 करोड़ रुपये हो गई.

बाजार में सुस्ती
नोटबंदी के एक महीने में शेयर बाजार सुस्त हो गया. नोटबंदी के ऐलान से 7 दिसंबर तक शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई. बीएसई 8 नवंबर को जहां 27,591 था वहीं 7 दिसंबर को 26,237 तक पहुंच गया. नोटबंदी से खरीदार सोने से दूर रहे वहीं रियल एस्टेट, सेवा और कृषि क्षेत्र पर असर पड़ा.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें