जम्मू-कश्मीर के लेह में शुक्रवार को बादल फटने की घटना और बाढ़ से जान गंवाने वाले 166 लोगों में 23 विदेशी नागरिक हैं. इस हादसे में मारने वाले 23 विदेशी नागरिकों में से 16 नेपाल, तीन फ्रांस, एक इटली और एक स्पेन के नागरिक हैं.
हादसे में घायल हुए सुरक्षाबलों सहित 73 लोगों को मेडिकल मदद के लिए हवाई मार्ग से क्षेत्र से बाहर ले जाया गया. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि बादल फटने की घटना और बाढ़ से मरने वालों की संख्या 166 तक पहुंच गयी है जबकि 400 लोग अभी भी लापता हैं.
इस बीच, महाराष्ट्र के कोल्हापुर से छुट्टियां मनाने आए कुछ डॉक्टरों ने पिछले शुक्रवार को मची तबाही में घायल हुए लोगों का इलाज किया. हादसे के बाद तुरंत लौट जाने के बजाय इन डॉक्टरों ने मदद का हाथ बढ़ाने के लिए अपनी छुट्टियां बढ़ा लीं.
सैकड़ों लोगों को लील जाने वाले हादसे से लेह को न सिर्फ कई जिंदगियों का नुकसान हुआ है बल्कि इसने यहां की अर्थव्यवस्था को भी चरमरा कर रख दिया है. लेह के बुनियादी ढांचे को फिर से खड़ा करने में कम से कम दो साल का वक्त लग सकता है.
जिले के कमोबेश सभी कल्वर्ट और छोटे-छोटे पुलों के अलावा सड़कें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गयी हैं. सिंचाई सुविधाओं और लघु पनबिजली परियोजनाओं को भी काफी नुकसान झेलना पड़ा है.