भारत ने जड़ी बूटी तत्वों से कुल्ला करने के एक पारंपरिक विधि को पेटेंट कराने के कोलगेट पामोलिव के प्रयास को विफल कर दिया. दरअसल यह मल्टीनेशनल कंपनी जातिफल (जावित्री) के तत्व से कुल्ला करने की पारंपरिक विधि को पेटेंट कराना चाहती थी.
भारत की ओर से वैज्ञानिक व औद्योगिक अनुसंधान परिषद की पारंपरिक ज्ञान डिजिटल लाइब्रेरी (CSIR-TKDL) ने यूरोपीय संघ पेटेंट कार्यालय में इसका विरोध किया. संस्थान ने इस बात का प्रमाण पेश किया कि जतिफल का इस्तेमाल दवाओं की भारतीय प्रणाली में मुख संबंधी रोगों के उपचार में किया जाता है.
एक सरकारी बयान में कहा गया है, ‘भारत ने बहुराष्ट्रीय कंपनी कोलगेट पामोलिव द्वारा जड़ी बूटी से कुल्ला करने के एक पारपंरिक फॉर्मूले का पेटेंट कराने का प्रयास विफल कर दिया है.’ इसके अनुसार CSIR-TKDL ने प्राचीन ग्रंथों से संदर्भ का साक्ष्य पेश किया कि जावित्री व इसके सत का इस्तेमाल प्राचीन भारतीय चिकित्सा पद्धति में मुख संबंधी रोगों के उपचार के लिए किया जाता है.’ इस बीच सीएसआईआर के विभिन्न संस्थानों ने इस साल अप्रैल में भारत में पेटेंट के 14 व विदेश में 22 आवेदन किए हैं.
इनपुट: भाषा