राजस्थान के कोटा की दरा घाटी में हाल ही में बने मुकुंदरा टाइगर रिजर्व में बाघों का कुनबा आबाद किए जाने की कोशिशें चल रही थीं कि प्रदेश के बाघ प्रोजेक्ट को बड़ा आघात देने वाली खबर सामने आई. गुरुवार को मुकुंदरा रिजर्व में टाइगर एमटी-03 की मौत हो गई. पर्यावरणविदों का दावा है कि एमटी-03 की मौत एक तरह से अकाल मौत है और डीएफओ टी. मोहनराज और रेंजर मक्खनलाल की लापरवाही की वजह से यह घटना सामने आई है.
मुकुंदरा टाइगर रिजर्व में बाघों का कुनबा एक से दो और दो से चार हो गया था. दो बाघों और दो बाघिनों का जोड़ा बनने के बाद बीते दिनों यहां दो शावकों की अठखेलियों की तस्वीरें भी देखने को मिलीं. लेकिन इस बीच गुरुवार को एक दुखद खबर ने इस टाइगर प्रोजेक्ट और हाड़ौती के लोगों की खुशियों को तगड़ा झटका दे दिया. टाइगर रिजर्व में शेल्टर एरिया के बाहर घूम रहे बाघ एमटी-03 की अचानक मौत की खबर है. बताया जा रहा है कि एमटी-03 पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहा था.
अफसरों की लापरवाही
बाघ एमटी-03 की मौत के लिए वनविभाग के स्थानीय अफसरों की लापरवाही को अहम कारण माना जा रहा है. पर्यावरणविद् कह रहे हैं कि मुकुंदरा में टाइगर की मौत अकाल मौत है और इसके लिए सीधे तौर पर डीएफओ टी मोहनराज और रेंजर मक्खनलाल जिम्मेदार हैं. सबसे बड़ा सवाल ये खड़ा हुआ है कि जब एमटी-03 की ट्रैकिंग के लिए वनविभाग की पूरी यूनिट लगी हुई थी, फिर बाघ के 3-4 दिनों से लंगड़ा कर चलने और कथित रूप से बीमार होने की खबर क्यों नहीं लगी. बाघ को तुरंत ट्रैंक्यूलाइज करके इलाज के लिए रणथंभौर या जयपुर क्यों नहीं भेजा गया.
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टाइगर रिजर्व के लिए बड़ी क्षति
रामगंज मंडी के डीएसपी मनजीत सिंह शक्तावत ने कहा कि यह टाइगर प्रोजेक्ट के लिए बहुत बड़ी क्षति है. इसका मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया है. सभी सीनियर ऑफिसर आ गए हैं. सीनियर डॉक्टर्स की टीम ने इसका पोस्टमार्टम किया है. संभवतः यह बीमारी की वजह से मौत हुई लगती है. इसकी रिपोर्ट आने के बाद ही सही कारण का पता चल पाएगा.
एसीएफ आनंद मोहन ने कहा कि टाइगर की सालपुरा फॉरेस्ट ब्लॉक में मोमेंट थी. उस दौरान देखा गया कि यह पिछले हिस्से से लड़खड़ा रहा है. इसकी गंभीरता को देखते हुए डॉक्टर की टीम भेजी गई. उसके बाद इसको ऑब्जर्वेशन में रखा गया. इसके बाद कल (बुधवार) इसकी तबीयत बिगड़ गई. शाम को ट्रैंक्यूलाइज करना संभव नहीं था. सुबह जब देखा तो यह बैठा हुआ था, लेकिन इसमें मोमेंट नहीं था. वहां से इसकी बॉडी को लेकर आए हैं.