राजस्थान चुनाव का बिगुल बज चुका है. बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह चुनावी तैयारियों का जायजा लेने के लिए पांच दिवसीय दौरे पर प्रदेश में हैं. वहीं मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे अपने गृह क्षेत्र और बीजेपी के सबसे मजबूत गढ़ हाड़ौती यानी कोटा संभाग में गौरव यात्रा के माध्यम से जनसंपर्क कर रहीं हैं. कांग्रेस भी संकल्प यात्रा रैली के माध्यम से वसुंधरा सरकार को अपनी ताकत का एहसास कराने में लगी है.
हाड़ौती क्षेत्र राजस्थान का वो इलाका है, जो हमेशा से भाजपा का गढ़ रहा है. पिछले विधानसभा चुनाव में हाड़ौती के कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ जिले की 17 सीटों में से कांग्रेस को महज एक सीट पर संतोष करना पड़ा.
बूंदी जिले की बात करें तो भारत में चौहान वंशीय हाड़ा राजपूतों का राज्य सबसे पहले राजस्थान में बूंदी में स्थापित हुआ. कोटा के हाड़ा राज्य का निर्माण इसी बूंदी राज्य की उप-शाखा के रूप में हुआ. हाड़ा के आने से पहले यह राज्य मालवा प्रदेश का एक भाग था.
बूंदी जिले की तीन विधानसभा-हिंडोली, केशोरायपाटन और बूंदी सीट में दो पर बीजेपी और एक पर कांग्रेस का कब्जा है. बूंदी विधानसभा क्षेत्र संख्या 186 की बात करें तो यह सामान्य सीट है. 2011 की जनगणना के अनुसार बूंदी विधानसभा की कुल जनसंख्या 411533 है जिसका 71.92 प्रतिशत हिस्सा ग्रामीण और 28.08 प्रतिशत हिस्सा ग्रामीण है. वहीं कुल आबादी का 19.02 फीसदी अनुसूचित जाति और 20.03 फीसदी अनुसूचित जनजाति हैं.
2017 के वोटर लिस्ट के अनुसार बूंदी विधानसभा में मतदाताओं की संख्या लगभग 2.5 लाख है. 2013 विधानसभा चुनाव में इस सीट पर 77.64 फीसदी और 2014 लोकसभा चुनाव में 64.85 फीसदी मतदान हुआ था.
2013 विधानसभा चुनाव का परिणाम
2013 विधानसभा चुनाव में बूंदी विधानसभा में बीजेपी विधायक अशोक डोगरा ने लगातार दूसरी बार जीत दर्ज करते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष और कांग्रेस प्रत्याशी ममता शर्मा को 27636 वोटों से पराजित किया. बीजेपी के अशोक डोगरा को 91142 और कांग्रेस की ममता शर्मा को 63506 वोट मिले थें.
2008 विधानसभा चुनाव का परिणाम
2008 विधानसभा चुनाव में बीजेपी के अशोक डोगरा ने कांग्रेस से लगातार दो बार की विधायक रहीं ममता शर्मा को 10743 वोट से शिकस्त दी. बीजेपी के अशोक डोगरा को 56992 और कांग्रेस से ममता शर्मा को 46249 वोट मिलें.