राजस्थान की गहलोत सरकार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर हमला करने का कोई मौका नहीं छोड़ना चाहती. मगर कोरोना के खिलाफ जारी जंग में राजस्थान सरकार ने यूपी सरकार का साथ दिया है. बिहार सरकार के गुस्से के बीच उत्तर प्रदेश सरकार की भेजी हुई बसें कम पड़ गईं तो राजस्थान सरकार अपनी बसों से बच्चों को कोटा से उनके घर भेज रही है. राजस्थान सरकार की 15 बसें बच्चों को लेकर रवाना हो चुकी हैं.
राजस्थान के परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि बिहार सरकार का यह कहना गलत है कि राजस्थान सरकार बच्चों को भेज रही है. राजस्थान सरकार बच्चों को नहीं भेज रही है. केंद्र की सरकार ने पहले उत्तर प्रदेश सरकार से बातचीत की और फिर हमसे बातचीत की, इसलिए हम बच्चों को भेज रहे हैं.
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'बिहार सरकार बच्चों को लेने को क्यों तैयार नहीं'
राज्य के परिवहन मंत्री का कहना है कि उत्तर प्रदेश और बिहार दोनों राज्यों में एनडीए की सरकार है. केंद्र की सरकार को बिहार सरकार से बातचीत करनी चाहिए. बिहार की सरकार पता नहीं क्यों बच्चों को लेने के लिए तैयार नहीं हो रही है. हमारे यहां कोई समस्या नहीं है. बच्चे को खाना मिल रहा है और वे आराम से हैं. उन्होंने कहा कि हालांकि, बच्चे परेशान हैं इसलिए उन्हें भेजा जा रहा है. जो बसें आ रही हैं उनको हम सैनिटाइज कर रहे हैं. बच्चों को रास्ते में खाने-पीने की व्यवस्था की जा रही है.
प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि बस कम पड़ रही है. उसकी व्यवस्था कर रहे हैं. मगर यह सब राजस्थान सरकार अकेले नहीं कर रही है. ये सब केंद्र सरकार के निर्देश पर ही होता आ रहा है. अगर मजदूरों को लाने की बात होती है तो राजस्थान की सरकार उसके लिए भी तैयार है. हम पहले से कह रहे हैं कि प्रवासी मजदूरों को भी भेजने की व्यवस्था करनी चाहिए. भारत सरकार इसमें पहल करें हम तैयार हैं.