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सोनिया ने भाजपा से कहा, संसद में चर्चा करें

संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने गुरुवार को पिछले एक सप्ताह से संसद की कार्यवाही बाधित करने पर भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा.

सोनिया गांधी सोनिया गांधी

संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने गुरुवार को पिछले एक सप्ताह से संसद की कार्यवाही बाधित करने पर भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा.

उन्होंने कहा कि वह कोयला ब्लॉक आवंटन मुद्दे पर संसद में चर्चा करे. भाजपा ने इस मुद्दे पर देशभर में आंदोलन की बात कही है. सोनिया ने गुरुवार को भाजपा पर जमकर हमले किए और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के इस्तीफे की मांग को लेकर भाजपा द्वारा संसद की कार्यवाही ठप्प पर करने पर कहा कि किसी भी तरह का गतिरोध चर्चा के जरिये ही खत्म किया जा सकता है.

राजस्थान के बाड़मेर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए सोनिया ने कहा कि कुछ लोग संसद की कार्यवाही बाधित कर राजनीति कर रहे हैं. चर्चा के जरिये ही मुद्दा स्पष्ट हो सकता है लेकिन वे मुद्दे को स्पष्ट नहीं करना चाहते. किसी भी मुद्दे का समाधान संसद में चर्चा के जरिये ही निकाला जा सकता है.

उन्होंने कहा कि वे लोकतांत्रिक पद्धति को नष्ट कर देना चाहते हैं, उनकी प्रवृत्ति स्वतंत्रता संग्राम में हिस्सा लेने वालों की विरासत को नुकसान पहुंचाने की है.

सोनिया ने गुरुवार को मरू क्षेत्र के लोगों को स्वच्छ पेयजल आपूर्ति के उद्देश्य से 688.65 करोड़ रुपये की लागत से बनाई गई 'बाड़मेर लिफ्ट पेयजल परियोजना' का उद्घाटन किया. इस परियोजना से भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित 700 गांवों के लोग लाभान्वित होंगे.

सोनिया ने अपनी पार्टी के सांसदों से कहा कि वे भाजपा का मुकाबला करें उसका सच लोगों को बताएं. उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टी के लिए ब्लैकमेल करना ही रोजी-रोटी बन गई है.

विपक्षी पार्टी का नाम लिए बगैर भाजपा को सख्त संदेश देते हुए सोनिया ने कहा कि संसद की कार्यवाही इस तरह बाधित होने नहीं दिया जा सकता है.

उन्होंने भाजपा से पूछा कि वह चर्चा से शरमा क्यों रही है. उन्होंने पार्टी से अपील की कि वह संसद में चर्चा में हिस्सा लें जिससे गतिरोध खत्म हो.

सोनिया ने देश में मौजूद महंगाई, सूखा, बाढ़ और सामाजिक तनाव जैसी चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए सभी दलों से सहयोग करने का आह्वान किया. भाजपा पिछले सप्ताह से अपनी मांगों को लेकर संसद की कार्यवाही स्थगित करने के लिए बाध्य करती आ रही है.

नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट के मद्देनजर उसने कोयला ब्लॉक आवंटन को रद्द करने की मांग भी है और इसकी एक विशेष जांच दल से जांच की मांग की है. सीएजी के मुताबिक कोयला ब्लॉक आवंटन में निजी कम्पनियों को 1.85 लाख करोड़ रुपये का फायदा पहुंचाया गया.

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