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पंजाब चुनाव से पहले हो सकता है कांग्रेस और आवाज-ए-पंजाब का विलय

आवाज-ए-पंजाब के एक वरिष्ठ नेता ने नाम का खुलासा न करने की शर्त पर 'इंडिया टुडे' को बताया कि बुधवार को नवजोत सिंह सिद्धू के घर पर इस मुद्दे पर बैठक भी हुई थी. सूत्रों की माने तो कांग्रेस ने आवाज-ए-पंजाब की रखी गई शर्तों में से अधिकतर पर हामी भर दी है.

नवजोत सिद्धू नवजोत सिद्धू

बीजेपी से अलग होकर आवाज-ए-पंजाब नाम का नया मोर्चा बनाने वाले नवजोत सिद्धू अब इस फ्रंट का कांग्रेस में विलय कर सकते हैं. 'इंडिया टुडे' को मिली जानकारी के मुताबिक दोनों दलों के बीच आखिरी दौर की बातचीत चल रही है. खबरों की माने तो सिद्धू की अगुवाई वाले मोर्चे का इसी हफ्ते कांग्रेस में विलय हो जाएगा.

आवाज-ए-पंजाब के एक वरिष्ठ नेता ने नाम का खुलासा न करने की शर्त पर 'इंडिया टुडे' को बताया कि बुधवार को नवजोत सिंह सिद्धू के घर पर इस मुद्दे पर बैठक भी हुई थी. सूत्रों की माने तो कांग्रेस ने आवाज-ए-पंजाब की रखी गई शर्तों में से अधिकतर पर हामी भर दी है. बातचीत आखिरी दौर में है. आवाज-ए-पंजाब के वरिष्ठ नेता ने कहा 'हमने अपना शॉट खेल लिया है और अब गेंद कांग्रेस के पाले में है'.

AAP से गठबंधन की बात लगभग खत्म
आवाज-ए-पंजाब ने राज्य की सभी 117 टिकटों के बंटवारे में उसकी सहमति लेने की भी शर्त रखी है. हालांकि इस मुद्दे पर अभी चर्चा होनी बाकी है. 'इंडिया टुडे' को AAP और AeP के सूत्रों से यह भी जानकारी मिली है कि दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन की संभावना लगभग खत्म हो चुकी है. आवाज-ए-मोर्चा ने फ्रंट में किसी भी तरह की दरार की बात को भी नकार दिया है. सूत्रों के मुताबिक नवजोत सिंह सिद्धू, नवजोत कौर , परगट सिंघ और बेंस बंधु ही चुनाव में प्रचार के पांच सबसे बड़े चेहरे होंगे, वहीं पार्टी की कमान सिद्धू के हाथों में ही होगी.

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