पंजाब की अमरिंदर सिंह सरकार के एक साल पूरा होने के मौके पर शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और सुखबीर बादल के नेतृत्व में विधानसभा का घेराव करने के लिए मार्च निकाला. इसमें अकाली दल के हजारों कार्यकर्ता शामिल रहे. हालांकि चंडीगढ़ पुलिस ने इनको मार्च के दौरान बीच में ही रोक लिया. इसके चलते अकाली दल के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच जमकर नोकझोंक हुई.
इन कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पुलिस ने पांच वाटर कैनन टैंकर लगाए थे, जिनका पानी खत्म हो गया. इसके बाद इन कार्यकर्ताओं ने पुलिस के लगाए बैरीकेड को उखाड़ फेंका. हालात को काबू करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा, जिससे गुस्साए अकाली दल के कार्यकर्ताओं ने पथराव कर उल्टे पुलिस को ही खदेड़ दिया.
ਲੋਕਾਂ ਤੋਂ ਵੋਟਾਂ ਲੈ ਕੇ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਹੀ ਲਾਚਾਰ ਬਣਾਉਣ ਵਾਲੀ ਕਾਂਗਰਸ ਸਰਕਾਰ ਨੂੰ ਸੱਤਾ ਦੀ ਗੂੜ੍ਹੀ ਨੀਂਦ 'ਚੋਂ ਜਗਾਉਣ ਲਈ ਅੱਜ ਪੰਜਾਬ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਦਾ ਘੇਰਾਓ ਕਰਨ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਇੱਕ ਭਰਵੀਂ ਰੈਲੀ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਸਮੂਹ ਅਕਾਲੀ-ਭਾਜਪਾ ਆਗੂ, ਵਰਕਰ ਅਤੇ ਸੂਬੇ ਭਰ 'ਚੋਂ ਆਏ ਸਮੂਹ ਪੰਜਾਬੀਆਂ ਦਾ ਦਿਲੋਂ ਧੰਨਵਾਦ।
— Shiromani Akali Dal (@Akali_Dal_)
पुलिस और अकाली दल के कार्यकर्ताओं की यह रस्साकशी तकरीबन एक घंटे तक चली. इस दौरान चंडीगढ़ पुलिस के साथ हरियाणा व पंजाब के रिजर्व बटालियन के जवानों और पैरामिलिट्री फोर्स के जवानों को भी तैनात किया गया था.
अकाली दल ने के एक साल पूरा होने और जनता से किए गए तमाम वादे पूरे नहीं करने के खिलाफ विधानसभा का घेराव करने का ऐलान किया था. अकाली दल ने अमरिंदर सरकार पर किसानों की अनदेखी करने का भी आरोप लगाया है. दल का कहना है कि में किसानों की हालत बेहद खराब है. उनको तमाम समस्याओं से जूझना पड़ रहा है.