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अटारी में दूसरी और तीसरी ईस्वी की बुद्ध की मूर्ति की गई जब्त 

अमृतसर के अटारी में भूमि सीमा शुल्क स्टेशन पर तैनात सीमा शुल्क अधिकारियों ने बुद्ध की एक प्राचीन पत्थर की मूर्ति जब्त की है. आईसीपी, अटारी के जरिये भारत पहुंचे विदेशी नागरिक को रोका गया. उसके सामान की जांच करने पर अधिकारियों को उसके पास से बुद्ध की एक पुरानी पत्थर की मूर्ति मिली. 

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विदेशी नागरिक के पास से अटारी में जब्त की गई है यह मूर्ति.
विदेशी नागरिक के पास से अटारी में जब्त की गई है यह मूर्ति.

अमृतसर के अटारी में भूमि सीमा शुल्क स्टेशन पर तैनात सीमा शुल्क अधिकारियों ने बुद्ध की एक प्राचीन पत्थर की मूर्ति जब्त की है. आईसीपी, अटारी के जरिये भारत पहुंचे विदेशी नागरिक को रोका गया. उसके सामान की जांच करने पर अधिकारियों को उसके पास से बुद्ध की एक पुरानी पत्थर की मूर्ति मिली. 

मूर्ति को यात्री टर्मिनल, आईसीपी अटारी पर तैनात सीमा शुल्क अधिकारियों ने इस संदेह पर कब्जे में लिया था कि यह पुरातनता की श्रेणी में आने वाली प्रतिबंधित वस्तु है. मामला भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) चंडीगढ़ सर्कल के कार्यालय को भेजा गया है. एएसआई ने अब इस बात की पुष्टि करते हुए एक रिपोर्ट दी है कि मूर्तिकला का टुकड़ा गांधार स्कूल ऑफ आर्ट का बुद्ध प्रतीत होता है. 

दूसरी या तीसरी ईस्वी की है मूर्ति

साथ ही यह बताया गया कि यह दूसरी या तीसरी ईस्वी का हो सकता है. एंटीक्विटीज एंड आर्ट ट्रेजर एक्ट 1972 के तहत पुरातनता की श्रेणी में आता है. एएसआई ने आगे बताया कि गांधार स्कूल ऑफ आर्ट्स से संबंधित ऐसी मूर्तियों की मुख्य विशेषताएं हैं… 

1. सीधे बाल
2. क्राउन प्रिंस के रूप में दिखाया गया बुद्ध का चेहरा
3. बुद्ध की मूर्तियां काले मुलायम पत्थर की बनीं हैं, जो स्यातघाटी से आती हैं 
4. गांधार कला ग्रीको-रोमन कला से काफी प्रभावित है

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पहले जब्त हुए हैं प्राचीन सिक्के 

मामले में संबंधित कानूनों के संदर्भ में आगे की जांच और आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। इससे पहले पुरावशेषों की जब्ती के मामले में मई 2017 में भूमि सीमा शुल्क स्टेशन अटारी रेल में एक यात्री से 262 प्राचीन सिक्के जब्त किए गए थे. इसके अलावा सितंबर 2018 में भूमि सीमा शुल्क स्टेशन पर एक यात्री से अन्य 65 प्राचीन सिक्के जब्त किए गए थे. 

विभिन्न काल खंडों के थे सिक्के 

एएसआई ने बताया था कि ये सिक्कों विभिन्न ऐतिहासिक काल के हैं. इनमें महाराजा रणजीत सिंह काल, एजेलिजस के इंडो-यूनानी सिक्के, एपोलोडोटस के चौकोर सिक्के, अकबर, जहांगीर और हुमायूं के सिक्के और ब्रिटिश युग के सिक्के शामिल हैं. इनमें से कुछ सिक्के अब गोवा में राष्ट्रीय सीमा शुल्क और जीएसटी संग्रहालय में धरोहर में के रूप में प्रदर्शित किए जा रहे हैं.
 

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