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कृषि कानूनों की वापसी के बाद क्या बसपा का साथ छोड़ बीजेपी से हाथ मिलाएगा अकाली दल? सुखबीर बादल ने दिया ये जवाब

कृषि कानूनों की वापसी के बाद अकाली दल किसका साथ देगा. यह सवाल जब अकाली दल प्रमुख सुखबीर सिंह बादल से किया गया तो उन्होंने पूर्व सहयोगी भारतीय जनता पार्टी के साथ जाने से साफ इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि शिरोमणी अकाली दल का भविष्य अब बसपा के साथ है. दल अब बसपा का ही साथ देगा.

सुखबीर सिंह बादल (फाइल फोटो) सुखबीर सिंह बादल (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • पिछले साल टूट गया था भाजपा और अकाली दल के बीच पुराना गठबंधन
  • बादल ने कहा- केजरीवाल लोगों से झूठे वादे कर रहे

शिरोमणि अकाली दल का बहुजन समाज पार्टी से पक्का गठबंधन है. दल अब पूर्व सहयोगी भाजपा से हाथ नहीं मिलाएगा. यह जवाब एक कार्यक्रम में शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने दिया. उन्होंने कहा कि दिल्ली में अरविंद केजरीवाल भी लोगों से झूठे वादे कर रहे हैं. जो वादे वे अन्य के लिए करते हैं, पहले उन्हें अपने यहां लागू करना चाहिए.

शिरोमणि अकाली दल (शिअद) प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने मंगलवार को कहा कि उनकी पार्टी का बसपा के साथ पक्का गठबंधन है और वह पूर्व सहयोगी भाजपा से हाथ नहीं मिलाएगी. शिअद का भविष्य बसपा के साथ है, उन्होंने यहां से करीब 36 किलोमीटर दूर छब्बेवाल में संवाददाताओं से बातचीत में यह बातें कहीं. 

बसपा से हमारा पक्का गठबंधन

एजेंसी के अनुसार, एक सवाल के जवाब में शिअद प्रमुख बादल ने कहा, हमारा बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के साथ पक्का गठबंधन है. उन्होंने कहा कि शिअद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से हाथ नहीं मिलाएगा. भाजपा और शिअद के बीच पुराना गठबंधन पिछले साल तब टूट गया, जब शिरोमणि अकाली दल ने कृषि कानूनों को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) छोड़ दिया.

117 सदस्यीय पंजाब विधानसभा के चुनाव में सत्तारूढ़ कांग्रेस, शिअद-बसपा गठबंधन, आम आदमी पार्टी (आप) और भाजपा के बीच बहुकोणीय मुकाबला होने की उम्मीद है. पंजाब चुनाव से पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा समाज के विभिन्न वर्गों के लिए वादे किए जाने के बारे में पूछे जाने पर बादल ने कहा कि आप प्रमुख को पहले इन्हें दिल्ली में लागू करना चाहिए.

केजरीवाल लोगों को बेवकूफ नहीं बना सकते

बादल ने कहा, पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को उन शिक्षकों को स्थायी नौकरी देनी चाहिए, जो वहां अनुबंध पर थे और फिर उन्हें पंजाब में स्थायी नौकरी की गारंटी दें. झूठी गारंटी देकर केजरीवाल राज्य के लोगों को बेवकूफ नहीं बना सकते. उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने पिछले विधानसभा चुनाव से पहले राज्य के लोगों से किए गए वादों को पूरा नहीं किया. अब वर्तमान मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी बड़े-बड़े वादे कर रहे हैं.

बादल ने आरोप लगाया कि केजरीवाल और चन्नी दोनों राज्य की जनता से झूठ बोल रहे हैं और झूठे वादे कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि केजरीवाल को पहले अपने राज्य में किए गए वादों को लागू करके अपनी ईमानदारी साबित करनी चाहिए, अन्यथा पंजाबी उन पर विश्वास नहीं करेंगे. उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि केजरीवाल ने महिलाओं को भत्ता, 300 यूनिट मुफ्त बिजली और दिल्ली में नियमित नौकरियों को क्यों नहीं दिया है.

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