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नवजोत सिंह सिद्धू के इन करीबियों पर कस सकता है पंजाब विजिलेंस का शिकंजा, पूछताछ के आसार

नवजोत सिंह सिद्धू के स्थानीय निकाय विभाग में मंत्री रहते हुए पुराने मामलों को लेकर जल्द ही उनके तथा उनकी पत्नी समेत कई और करीबियों से पूछताछ हो सकती है.

नवजोत सिंह सिद्धू के करीबियों से होगी पूछताछ (फाइल फोटो) नवजोत सिंह सिद्धू के करीबियों से होगी पूछताछ (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • सिद्धू के करीबियों से हो सकती है पूछताछ
  • पंजाब विजिलेंस टीम को मिली कई शिकायतें
  • विजिलेंस ने तेज की पहले से दर्ज मामले में जांच

क्रिकेटर से नेता बने नवजोत सिंह सिद्धू के कई खास लोगों पर पंजाब विजिलेंस शिकंजा कस सकती है. जानकारी के मुताबिक नवजोत सिद्धू के खिलाफ विजिलेंस को शिकायत मिली है. जिसके तहत उनके पुराने मंत्रालय में कई अनियमितता के आरोप लगे हैं.

नवजोत सिंह सिद्धू के स्थानीय निकाय विभाग में मंत्री रहते हुए पुराने मामलों को लेकर जल्द ही उनके तथा उनकी पत्नी समेत कई और करीबियों से पूछताछ होने वाली है. सिद्धू पर मंत्री रहते हुए उनके महकमे से कई तरह की गड़बड़ियां करने और उनके करीबियों समेत अन्य कई लोगों को फायदा पहुंचाने के आरोप लगे हैं.

विजिलेंस ने तेज की जांच

विजिलेंस विभाग ने पहले से दर्ज मामले में जांच तेज कर दी है. स्थानीय निकाय मंत्री रहते सिद्धू और उनकी पत्नी नवजोत कौर सिद्धू के नजदीकियों पर फायदा उठाने तथा गैरकानूनी रूप से कई लोगों व बिल्डरों को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया गया है.

विजिलेंस के रडार पर सिद्धू के कई करीबियों के नाम हैं. जिनमें कुछ नाम अहम हैं.

रुपिंदर सिंह- सिद्धू के दोस्त और ओएसडी.

गौरव वासुदेव - सिद्धू के पीए. 

राजीव कुमार - सिद्धू के करीबी.

गिरीश - सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर के पीए.

जसमीत सोढ़ी - सिद्धू के करीबी.

अंगद सिंह सोही - सिद्धू के पीए.

रुपिंदर सिंह पर आरोप है कि सिद्धू के स्थानीय निकाय मंत्री रहते हुए बड़े कॉमर्शियल प्रोजेक्ट मैनेज किया करते थे. इसके अलावा रुपिंदर सिंह सीएलयू फाइल को मंज़ूरी दिलवाने में भी एक्टिव थे. उन पर जीरकपुर, डेराबस्सी में बिल्डर्स के साथ सांठगांठ का भी आरोप है.

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वहीं गौरव वासुदेव पर आरोप है कि नियमों के खिलाफ प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दिलाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है. वासुदेव ने अमृतसर में नियमों के खिलाफ बाजार कीमत से कम दाम में दो बूथ हासिल किए. पहले उसने बूथ किराये पर लिए, फिर आगे उसे किराये पर दे दिया. साथ ही पानी के भाव पर एडवरटाइजमेंट का टेंडर हासिल किया.

नवजोत कौर के दूसरे पीए गिरीश के साथ मिलकर नियमों की अनदेखी करते हुए कंस्ट्रक्शन बिजनेस में काम हासिल किया. अमृतसर में गली निर्माण और स्ट्रीट लाइट का टेंडर पाने के भी आरोप लगे हैं.
 

 

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