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पंजाब में कोविड फतेह किट पर सियासी घमासान, विपक्ष ने लगाया घोटाले का आरोप

हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि प्राइवेट अस्पतालों को सरकारी वैक्सीन मोटी कीमत पर बेचने के बाद ये फतेह किट का एक और नया घोटाला सामने आया है. इस घोटाले में कई बार रेट को लेकर टेंडर बदला गया. 50 दिन में 5 बार टेंडर के रेट बदले गए. 750 रुपये की किट का टेंडर 1500 में दिया गया.

सीएम अमरिंदर ने लॉन्च किया था कोविड फतेह किट (फाइल फोटोः एएनआई) सीएम अमरिंदर ने लॉन्च किया था कोविड फतेह किट (फाइल फोटोः एएनआई)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • स्वास्थ्य मंत्री बोले- हाईकोर्ट में है मामला
  • कोर्ट में ही जवाब देगी सरकार- बलबीर सिद्धू

पंजाब में अब कोरोना वायरस की महामारी के दौरान कोविड फतेह किट के नाम पर सियासी घमासान शुरू हो गया है. मुनाफा कमाने के लिए निजी अस्पतालों को वैक्सीन बेचे जाने के आरोप के बाद अब कोविड फतेह किट को लेकर विपक्ष ने कैप्टन सरकार पर हमला बोला है. विपक्ष ने कोविड फतेह किट को लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए घोटाले का आरोप लगाया है.

विपक्ष के मुताबिक हर 15 दिन में कोविड फतेह किट के दाम बढ़ाए गए. कई बार नई-नई कंपनियों को टेंडर दिए गए. इन टेंडरों से पंजाब सरकार को राजस्व का मोटा नुकसान हुआ है. कोविड फतेह किट पंजाब सरकार की ओर से प्रदेश के उन लोगों को मुफ्त में दी जाती है जो कोरोना वायरस से संक्रमण की चपेट में आ गए हों. इस किट में दवाएं, मास्क, सैनिटाइजर के साथ ही ऑक्सीमीटर जैसे कई सामान रहते हैं.

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के वकीलों ने भी आरटीआई के जरिए इस संबंध में सरकार से जानकारी मांगी थी. आरटीआई के जवाब से भी धांधली का खुलासा हुआ है. अब यह मामला पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गया है. हाईकोर्ट में इसे लेकर एक याचिका भी दाखिल हुई है. इस याचिका पर पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में अभी सुनवाई होनी है.

अकाली दल ने साधा निशाना

कैप्टन सरकार के खिलाफ हमला बोलते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री और अकाली दल की नेता हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि प्राइवेट अस्पतालों को सरकारी वैक्सीन मोटी कीमत पर बेचने के बाद ये फतेह किट का एक और नया घोटाला सामने आया है. इस घोटाले में कई बार रेट को लेकर टेंडर बदला गया. 50 दिन में 5 बार टेंडर के रेट बदले गए. 750 रुपये की किट का टेंडर 1500 में दिया गया. 

उन्होंने फतेह किट में ऑक्सीमीटर के घोटाले का भी आरोप लगाया और कहा कि बठिंडा समेत प्रदेश के कई इलाकों से इस तरह की शिकायतें आईं कि किट में ऑक्सीमीटर थे ही नहीं या थे तो बहुत घटिया क्वालिटी के. कैप्टन अमरिंदर सिंह को आड़े हाथों लेते हुए हरसिमरत ने कहा कि वे अपने फार्म से निकलते ही नहीं हैं और ना ही किसी मरीज का हाल पूछने के लिए कभी हॉस्पिटल जाते हैं. अफसरशाही ही सरकार चला रही है जिसके कारण कोरोना के नाम पर ये बड़े-बड़े घोटाले सामने आ रहे हैं.

स्वास्थ्य मंत्री ने आरोप पर दिया ये जवाब

कोविड फतेह किट में घोटाले के आरोप पर पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू का कहना है कि मामला हाईकोर्ट में है. हाईकोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा है और इसका जवाब जो भी है, हाईकोर्ट में दाखिल किया जाएगा. उन्होंने कहा कि सरकार को बदनाम करने के लिए विपक्ष की ओर से आरोप लगाए जा रहे हैं. हाईकोर्ट में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जो अकाली दल वैक्सीन और फतेह किट को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहा है, उसकी सियासी जमीन खिसक चुकी है.

याचिकाकर्ता वकील ने क्या कहा

याचिकाकर्ता वकील विशाल गर्ग ने कहा कि सबसे पहले टेंडर में संगम मेडिकल स्टोर ने सबसे कम 837.76 रुपये की कीमत पर टेंडर भरा. सरकार ने वही 16668 कोविड फतेह किट 3 अप्रैल 2021 को करीब सौ रुपये प्रति किट का अधिक भुगतान कर 940 रुपये प्रति किट के हिसाब से खरीदा. 20 अप्रैल को एक नया टेंडर लगाया गया जिसमें इसी किट की कीमत 1226.40 रुपये लगाई गई और ग्रैंड वे (grand way) नाम की कंपनी को 50,000 किट का टेंडर दे दिया गया जबकि इस कंपनी के पास मेडिकल उपकरण बेचने का लाइसेंस भी नहीं है. 

7 मई को हुआ तीसरा टेंडर

याचिकाकर्ता के मुताबिक 7 मई को तीसरा टेंडर लगाया गया जिसमें 1.5 लाख किट के लिए कीमत बढ़ाकर 1338 रुपये रखी गई. इस तरह जो किट पहले टेंडर में 837 रुपये में मिल रही थी उसके लिए तीसरे टेंडर में कीमत बढ़कर 1338 रुपये हो गई यानी प्रति किट करीब पांच सौ रुपये का इजाफा हो गया जबकि किट का सामान वही था. पहले टेंडर की जो शर्तें थीं, उसमें से शर्त नंबर 18 और 19 में लिखा था कि ये शुरुआती तौर पर की गई रिक्वेस्ट है और बाद में कोविड फतेह किट की संख्या को कम जा ज्यादा किया जा सकता है.

वकील के मुताबिक इसी टेंडर की शर्त नंबर 30 के मुताबिक, ये टेंडर और कीमतें 180 दिन तक वैलिड रहेगा और 180 दिन तक इसी रेट पर सरकार आपसे और भी किट खरीद सकती है. जब पहली किश्त के टेंडर पर इतना कम रेट मिल रहा था और ये 180 दिन तक वैलिड था तब इसके बावजूद दूसरा और तीसरा टेंडर बढ़ी हुई कीमतों पर क्यों लगाया गया. इसको लेकर पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में पंजाब सरकार के वकीलों ने कहा है कि मामले की जांच की जा रही है.

 

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