scorecardresearch
 

मध्य प्रदेश उपचुनाव: शिवराज के ताज, कांग्रेस के आधार और स‍िंध‍िया की साख का इम्तेहान

मध्य प्रदेश उपचुनाव: शिवराज के ताज, कांग्रेस के आधार और स‍िंध‍िया की साख का इम्तेहान

मध्य प्रदेश विधानसभा की 28 सीटों पर उपचुनाव हो रहे हैं. इन सीटों पर चुनाव के नतीजे ना सिर्फ ये तय करेंगे कि शिवराज का ताज बचेगा कि नहीं बल्कि कांग्रेस के आधार और सिंधिया के सियासी वजूद का भी इम्तिहान लेंगे. जिन 28 सीटों पर उपचुनाव हो रहे हैं उनमें 25 सीटें कांग्रेस विधायकों के पार्टी छोड़ने से खाली हुई हैं. तीन सीटें कांग्रेस के विधायकों की मौत होने से हुई. इनमें भी ग्वालियर-चंबल संभाग में 16 सीटें हैं. ये सीटें ग्वालियर राजघराने के ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रभाव क्षेत्र में आते हैं. इसीलिए सिंधिया इसे कांग्रेस या बीजेपी की लड़ाई ना मानकर अपनी लड़ाई मान रहे हैं. मध्य प्रदेश विधानसभा 230 सदस्यों की है. इनमें से 29 सीटें खाली हैं यानी अभी सदन 201 सदस्यों की है. इसमें 106 सदस्यों के साथ बीजेपी बहुमत में है. वही अपने 28 सदस्यों के हटने से कांग्रेस 114 से घटकर 86 पर आ गई है. 28 सीटों पर चुनाव के बाद सदन 229 सदस्यों की हो जाएगी. इसमें बहुमत के लिए 115 सदस्य चाहिए. अगर बीजेपी 28 में 9 सीटें भी जीत जाती है तो शिवराज का राज कायम रहेगा.

November 10 is not just D-Day for Bihar but Madhya Pradesh too. All eyes are on the Bihar Assembly elections, but bypolls to 28 seats in Madhya Pradesh scheduled for November 3 aren't less of a cracker. The bypolls are of vital importance to both the Bharatiya Janata Party (BJP), which currently enjoys a comfortable position in the Assembly, and Congress that emerged as the single largest party in 2018 Assembly elections, before the Scindia shocker. The bypolls are also crucial for the veteran leaders of the state, including Shivraj Singh Chouhan, Kamal Nath, Jyotiraditya Scindia, Digvijaya Singh and Narendra Singh Tomar.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें