संसद के बजट सत्र का आज पांचवां दिन संसद के बजट सत्र (Budget session) का आज पांचवां दिन था. राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर, दोनों सदनों में चर्चा तीसरे दिन भी जारी रहेगी. कंपनी संशोधन विधेयक 2019 पर आगे की चर्चा की जाएगी. दोनों सदनों में, शिक्षा, महिला, बाल, युवा कार्यक्रम और खेल संबंधी सथाई समिति के प्रतिवेदन पेश किए जाएंगे. लोक लेखा समिति के विवरण भी पेश होंगे. दोनों सदनों के एजेंडे में 190 से ज़्यादा गैर सरकारी विधेयक हैं. लोकसभा की कार्यवाही शाम 4 बजे से शुरू होगी. राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के साथ-साथ, आज लोकसभा के एजेंडे में गैर सरकारी विधेयक शामिल हैं. जैव विविधता संशोधन बिल संबंधी संयुक्त समिति की रिपोर्ट पेश करने के लिए समय बढ़ाने का प्रस्ताव पेश किया जाएगा. मतदान को अनिवार्य बनाने वाले प्राइवेट मेंबर विध्यक पर लोकसभा में चर्चा होगी.
लोकसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई है. अब सात फरवरी को दोपहर में चार बजे फिर कार्यवाही शुरू होगी. आज लोकसभा में जबरदस्त हंगामा देखने को मिला था. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन में नाराज़गी जताते हुए कहा कि आसन के बारे में किसी को भी सदन के अंदर और बाहर अध्यक्षपीठ पर टिप्पणी नहीं करना चाहिए. ये हमारे संसदीय लोकतंत्र की मर्यादा है.
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन में नाराज़गी जताते हुए कहा कि आसन के बारे में किसी को भी सदन के अंदर और बाहर अध्यक्षपीठ पर टिप्पणी नहीं करना चाहिए. ये हमारे संसदीय लोकतंत्र की मर्यादा है. उन्होंने कहा- 'सदन की एक उच्च कोटि की मर्यादा है जिसका सम्मान सभी माननीय सदस्य करते हैं. आसन का प्रयास होता है कि सदन निष्पक्ष रूप से नियम और प्रक्रियाओं से संचालित हो. अध्यक्षपीठ पर बैठने वाले सदस्य को भी अध्यक्ष के समान ही सभी संवैधानिक अधिकार हैं. उन्होंने कहा कि सदन के अंदर व बाहर की जाने वाली टिप्पणियों को मैंने गंभीरता से लिया है. सदस्य सदन में, सदन के बाहर और सोशल मीडिया पर टिप्पणी नहीं करें, यही उचित होगा.'
अध्यक्ष ओम बिरला ने टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा का नाम लिए बिना अपनी नाराज़गी जताई थी. महुआ मोइत्रा ने कल आरोप लगाया था कि उनको सदन में बोलने नहीं दिया गया, अपनी बात रखने नहीं दी गई. साथ ही उन्होंने लोक सभा में पीठासीन अधिकारी रमा देवी के बारे में ट्विटर पर एक ट्वीट भी किया और कहा था- 'मुझे रोकने वाली चेयर कौन होती है. वे लेक्चर देने वाली कौन हैं कि मुझे प्यार से बोलना चाहिए या गुस्से से? ये आपका काम नहीं है मैडम. आप केवल मुझे नियमों को लेकर सही कर सकती हैं. आप लोकसभा में मेरी मोरल साइंस की टीचर नहीं हैं.'
AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने लोकसभा में कहा कि उनपर चार राउंड गोलियां चलाई गईं. ये लोग कैसे कट्टर हुए. आखिर ये कौन लोग हैं जो गोली पर भरोसा करते हैं, बैलेट पर नहीं करते. वे अंबेडकर के बनाएं संविधान के खिलाफ हैं.
उन्होंने कहा कि इंटरनल सिक्यूरिटी डिपार्टमेंट में तमाम मजहबों के लोगों का सेल बनाया जाना चाहिए. ये कट्टर हो गए है ंतो इससे सांप्रदायिकता बढ़ेगी. जो गलती एनडीए 1 ने की थी आप भी वही गलती कर रहे हैं. इससे देश की शालीनियत को खतरा होगा और देश को नुकसान होगा, सरकार को नुकसान होगा. उन्होंने सरकार से सवाल किया कि सोशल मीडिया पर अगर कोई कुछ गलत कहता है तो उसपर यूएपीए लगती है. जिन लोगों ने ये कट्टरता दिखाई है, इनपर यूएपीए क्यों नहीं लगाया जाता.
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा- 'हरिद्वार, रायपुर, इलाहाबाद में मेरे बारे में बहुत कुछ कहा गया. मैं मौत से नहीं डरता. एक दिन तो सबको जाना है.' उन्होंने कहा कि मैंने 6 फीट नजदीक से गोलियां देखी हैं, अगर मैं संसद में अपनी बात नहीं रखूंगा तो कहां रखूंगा.
ओवैसी ने कहा कि मैं मौत से डरने वाला नहीं हूं, मैं इस वतन में पैदा हुआ, मुझे सुरक्षा बिल्कुल नहीं चाहिए. मैं घुटन के साथ जिंदा नहीं रहना चाहता हूं. आजाद जिंदगी व्यतीत करना चाहता हूं. मुझे गोली लगती है, तो मुझे कबूल है. लेकिन मैं घुटन की जिंदगी नहीं जीना चाहता. गरीब बचेंगे, तो मैं बचा लूंगा ओवैसी की जान उस वक्त बचेगी, जब गरीब की जान बचेगी. मुझे ए कैटेगरी का शहरी बनाइए, जेड कैटेगरी की सुरक्षा नहीं चाहिए. गृहमंत्री अमित शाह सोमवार को लोकसभा में इसपर बयान देंगे.
गुरुवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान, महुआ मोइत्रा ने भी अपने विचार रखे थे. उनके व्यवहार के लिए उन्हें चेतावनी दी जा सकती है. लोक सभा में पीठासीन अधिकारी रमा देवी पर उन्होंने सवाल उठाया था. उन्होंने आरोप लगाया था कि उन्हें बोलने का पूरा समय नहीं दिया गया था. उनकी पार्टी तृणमूल कॉग्रेस भी उनके रवैये से खुश नहीं है. पार्टी के मुताबिक, पार्टी के सबसे वरिष्ठ सदस्य सौगत राय को पहले स्पीकर के नाते, सबसे ज़्यादा समय के अधिकारी हैं.
राष्ट्रपति के अभिभाषण प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान, लोकसभा में टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा था कि यह सरकार इतिहास बदलना चाहती है. वे भविष्य से डरते हैं और वे वर्तमान पर विश्वास नहीं करते. राष्ट्रपति ने अपने संबोधन की शुरुआत में, स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में बोला है जिन्होंने भारत के अधिकारों को सुरक्षित किया, लेकिन यह सिर्फ जुमला है.

जजों की नियुक्ति पर किए गए सवाल पर विधि और न्याय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि जुलाई से अब तक सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट में जितने जजों की नियुक्ति हुई है उसकी हर तरफ तारीफ हुई है क्योंकि इससे तेज नियुक्तियां अब तक कभी नहीं हुईं. लेकिन हमें सिस्टम में रहकर ही काम करना होता है.
झारखंड से गीता कोरा का कहना था कि आंगवनवाड़ी कार्यकर्ताओं को मानदेय, जो 4,500 रुपए दिया जाता है, वह न्यूनतम मज़दूरी दर से भी बहुत कम है, उसे बढाया जाए. इसपर महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि आंगनवाड़ी में काम करनी वाली महिलाएं सेवा की भावना से आंगनवाड़ी से जुड़ती हैं, इसलिए उन्हें वेतन नहीं मानदेय दिया जाता है. यह विषय सुप्रीम कोर्ट में सैटल हो चुका है और उनके सम्मान में मानदेय बढ़ाने का संकल्प और समाधान दोनों ही मोदी सरकार ने दिया. 150 रुपए से अब 4,500 दिए जा रहे हैं जो मोदी सरकार की वजह से ही संभव हुआ.
महाराष्ट्र से नवनीत रवि राणा के सवाल पर महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि नियमानुसार अगर प्रदेश सरकार पैसा खर्च करेगी तब ही केंद्र सरकार की तरफ से पैसा आवंटित किया जाएगा.
स्मृति ईरानी ने यह भी कहा कि पहली बार भारत सरकार ने जिला, प्रदेश और केंद्र के बीच एक प्रशासनिक संरचना बनाने की व्यवस्था की है जिसमें सांसद भी शामिल हैं, जो न्यूट्रिशन की स्थिति में अहम भूमिका निभा सकते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि 'दिशा' की बैठक में पोषण अभियान और आंगनवाड़ी व्यवस्थाओं की चिंता अगर सांसद स्वयं करते हैं, तो जिला प्रशासन इस विषय को गंभीरता से लेता है.
संसद के बजट सत्र के पांचवें दिन, लोकसभा की कार्यवाही शुरू हो गई है. आज राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा तीसरे दिन भी जारी रहेगी. फिलहाल लोकसभा में प्रश्नकाल चल रहा है.
राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि भाषण से ऐसा लगा कि किसानों की आय दुगनी हो गई है, वे खुश हैं,पर सच्चाई यह है कि उस भाषण में एक भी बार यह नहीं बताया गया कि कृषि कानून की वजह से 700 किसानों ने अपनी जान गंवा दी, न उन्हें शोक संदेश दिया गया. लखीमपुर खीरी में किसानों को कुचला गया, लेकिन मंत्री जी यूपी में चुनाव प्रचार कर रहे हैं.
उन्होंने कहा कि भाषण में राष्ट्रपति ने कहा कि युवा प्रगति की ओर हैं, खुश हैं तो वे आक्रोशित होकर प्रदर्शन क्यों कर रहे हैं? महिलाओं के सशक्तिकरण पर बात की गई, लेकिन हकीकत यह है कि 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' का नारा 'बेटी भुला प्रचार बढ़ाओ' बन गया है. रिकॉर्ड पार्लियमेंटरी स्टैंडिंग कमेटी की रिपोर्ट कहती है कि 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' का 85% बजट प्रचार में खर्च किया जाता है. मंत्री जी ने कहा कि 8 नहीं 58 प्रतिशत है, तो भी यह 50 प्रतिशत से ज़्यादा है और इसे गंभीर तरीके से लेना चाहिए.
राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण प्रस्ताव पर चर्चा की जा रही है. यह चर्चा आज तीसरे दिन भी जारी है. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सत्र के पहले दिन, दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित किया था.
DMK सांसद त्रिची शिवा ने कहा कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने राज्यपाल से दो बार मुलाकात की थी. साथ ही, उनसे केंद्र सरकार को NEET बिल भेजने का आग्रह किया था, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया. उन्होंने संघीय भावना के खिलाफ काम किया. हम इस मामले को राज्यसभा में उठाना चाहते थे, लेकिन हमें इसकी इजाज़त नहीं दी गई. इसके विरोध में कांग्रेस, CPI (M), CPI, TMC, RJD और IUML ने संसद से वॉकआउट कर दिया.
राज्यसभा में कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने स्पष्ट किया कि 2018-19 से पहले ऐसा कोई प्रावधान नहीं था कि एमएसपी को किसानों के लिए लाभकारी बनाया जाए. स्वामीनाथन समिति की अनुशंसा में भी 14-15 अनुशंसाएं ऐसी थीं जिन्हें जीओएम ने उपयुक्त नहीं पाया. एक अनुसंशा यह भी थी कि एमएसपी पर 50 प्रतिशत मुनाफा जोड़कर घोषित किया जाए, इसे नहीं माना गया था. लेकिन प्रधानमंत्री ने 2018-19 में इसे स्वीकार किया और एमएसपी अब बढ़कर मिल रही है. एमएसपी सरकार का प्रशासिक निर्णय है. पिछले 7 सालों से एमएसपी पर पहले से दुगने दाम दिए गए हैं. बजट में भी 2 लाख 37 हजार करोड़ रुपए किसानों को लाभकारी मूल्य क् लिए दिए जाने का प्रावधान भी है.
एमएसपी को पारदर्शी बनाने के लिए, सरकार ने एक समिति बनाने की घोषणा की है, इस समिति में किसान संघों के सदस्य, वैज्ञानिक, विशेषज्ञ और अन्य हितधारक उस समिति का हिस्सा होंगे. चुनाव के बाद इस समिति के गठन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी.
बिहार के बीजेपी सुशील कुमार मोदी ने बुल्ली बाई और सुल्ली डील्स जैसे एप के जरिए मुस्लिम महिलाओं को अपमानित किए जाने का मामला संसद में उठाया. इसपर इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है. जब भी ऐसी कोई भी सूचना मिली तो इसपर तुरंत कार्रवाई की गई है. सोशल मीडिया पर सरकार की तरफ जब भी कोई कार्रवाई की जाती है, तो विपक्ष उसपर सवाल उठाता है कि फ्रीडम ऑफ स्पीच को खत्म किया जा रहा है, लेकिन अगर महिलाओं को सुरक्षित रखना है तो नियमों को सख्त करना ही होगा. बैलेंस तो लाना ही पड़ेगा.
इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सोशल मीडिया को सेफ रखने के लिए सरकार ने 2021 में कुछ गाइडलाइंस इश्यू की थीं. उसके हिसाब से 5 इंस्टीट्यूटनल फ्रेमवर्क बनाए गए- चीफ कंप्लायंस ऑफिसर, नोडल कॉन्टेक्ट पर्सन, ग्रेविएंस ऑफिसर, फिज़िकल कम्यूनिकेशन एड्रेस और मंथली कंप्लायंस रिपोर्ट होनी चाहिए. जैसे ही कोई प्वाइंट सामने आता है उसपर तुरंत एक्शन लिया जाता है. उन्होंने यह भी बताया कि हर सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म अपनी कंपलायंस रिपोर्ट हर महीने अपने प्लैटफॉर्म पर पब्लिश करनी होती है. हम रिपोर्ट को अपने पास नहीं मंगवाते.
तमिलनाडु के राज्यपाल द्वारा NEET मेडिकल परीक्षा से राज्य को छूट देने वाले विधेयक को वापस करने पर, कांग्रेस, DMK और TMC के सांसदों ने राज्यसभा में नारेबाजी की, वेल पर आकर सदन की कार्यवाही बाधित करने की भी कोशिश की. इसके बाद कांग्रेस, DMK और TMC ने राज्यसभा से वाकआउट कर दिया.
तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि ने राज्य को राष्ट्रीय प्रवेश सह पात्रता परीक्षा (NEET) से छूट देने की मांग वाला विधेयक राज्य सरकार को लौटा दिया था. डीएमके के नेता टी आर बालू ने इस विषय को गुरुवार लोकसभा में उठाते हुए कहा था कि तमिलनाडु विधानसभा में भाजपा समेत समस्त दलों के विधायकों ने आम सहमति से नीट परीक्षा के खिलाफ विधेयक पारित किया था जिसे लौटाकर राज्यपाल ने जनता की इच्छा का अपमान किया है.
शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने राज्यसभा में कश्मीरी पंडितों का मामला उठाया. उन्होंने कहा कि कश्मीरी पंडित 32 सालों से संघर्ष कर रहे हैं, दो दशकों से अपना घर छोड़कर रह रहे हैं. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने 2015 में इनके लिए 6000 पारगमन आवास (transit accommodation) बनाने की घोषणा की थी, लेकिन दुर्भाग्य से यह काम बहुत धीरे-धीरे चल रहा है.
कांग्रेस सांसद मनिकम टैगोर ने तमिलनाडु के राज्यपाल द्वारा राज्य को NEET मेडिकल परीक्षा से छूट देने वाले विधेयक को वापस करने पर चर्चा करने के लिए, लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव नोटिस दिया.
कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास का मामला उठाने के लिए शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने राज्यसभा में शून्यकाल सबमिशन दिया.
राज्यसभा की कार्यवाही शुरू कर दी गई है. संसदीय समिति के प्रतिवेदन पेश किए जा रहे हैं. राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर, राज्यसभा में चर्चा तीसरे दिन भी जारी रहेगी.