लखीमपुर में हुए हंगामे और बवाल के बाद एक नाम लगातार चर्चा में है. वो है केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा मोनू का. आरोप है कि किसानों को मोनू की गाड़ी ने कुचला और वो खुद गाड़ी के अंदर मौजूद थे. वहीं खुद अजय मिश्रा टेनी का कहना है कि मोनू वहां उस समय मौजूद ही नहीं थे. आशीष मिश्रा के समर्थकों और बीजेपी कार्यकर्ताओं के अनुसार उस समय आशीष मिश्रा, बनवीरपुर में आयोजित दंगल में रेफ़री की भूमिका निभा रहे थे.
कौन हैं आशीष मिश्रा मोनू
आशीष मिश्रा मोनू, केंद्रीय राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बड़े बेटे हैं. घर में अजय मिश्रा टेनी की वजह से राजनीतिक माहौल था. चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी से पढ़ाई के दौरान ही उनकी राजनीति में रुचि हो गयी थी. आशीष मिश्रा, भारतीय जनता युवा मोर्चा के अवध क्षेत्र के उपाध्यक्ष भी रहे हैं. आशीष मिश्रा इस समय अजय मिश्रा टेनी और परिवार का व्यवसाय संभालते हैं, जिसमें पेट्रोल पम्प और ईंट भट्ठा भी है. आशीष मिश्रा का छोटा भाई लखीमपुर में ज़िला सहकारी बैंक का डायरेक्टर है. इसके अलावा एक बहन भी है.
आशीष मिश्रा को क्षेत्र के लोग सामाजिक और राजनीतिक रूप से सक्रिय बताते हैं. लोगों का कहना है कि अजय मिश्र टेनी की विधानसभा सीट निघासन से इस बार आशीष मिश्रा टिकट के भी दावेदार हैं. निघासन से अजय मिश्रा विधायक रह चुके हैं. मोनू खेल के शौक़ीन हैं और अपने दादाजी के नाम पर सालाना होने वाले दंगल के अलावा लखीमपुर में क्रिकेट टूर्नामेंट भी कराते हैं. खुद क्रिकेट खेलने के भी शौक़ीन हैं.
सालाना दंगल का होता है आयोजन
आशीष मिश्रा मोनू के दादाजी और अजय मिश्रा टेनी के पिता अम्बिका प्रसाद मिश्रा पहलवान थे. उनके समय से मिश्रा परिवार के पैतृक गांव बनवीरपुर में सालाना दंगल का आयोजन होता है. इस समय आशीष मिश्रा उसी के आयोजन समिति के अध्यक्ष भी हैं. भाजपा कार्यकर्ताओं के अनुसार निर्धन परिवार की लड़कियों की शादी भी आशीष मिश्रा साल में एक बार कराते हैं.
बीजेपी सहकारिता प्रकोष्ठ के क्षेत्रीय संयोजक मनीष साहनी ने अनुसार, मुख्यमंत्री जी ने जांच में दोषी पाए जाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की बात कही है. उससे हम सब सहमत हैं. उस समय जब ये दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई मोनू उसी दंगल में मौजूद थे. जिसको सबने देखा है. ये तथ्य सामने आना चाहिए.’