प्रेम की निशानी आगरा के ताजमहल ने एक बार फिर कमाई के मामले में पहला स्थान प्राप्त किया है. भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक भारत के टॉप 5 राजस्व पैदा करने वाले स्मारकों की सूची में ताजमहल के अलावा आगरा का किला, कुतुब मीनार, फतेहपुर सीकरी और लाल किला क्रमानुसार शामिल है.
एएसआई के आंकड़ों के मुताबिक, इन 5 स्मारकों ने 2017-18 में 146.05 करोड़
रुपये की कमाई की. दिलचस्प है कि इन 5 की कमाई भारत में बाकी बचे इमारतों
की कुल कमाई के आधे से भी ज्यादा है. बता दें कि भारत में स्थित स्मारकों
ने 2017-18 में कुल 271.8 करोड़ रुपये की कमाई की है.
बीते कुछ
वर्षों में बेमतलब की वजहों से सुर्खियों में रहने वाले स्मारक ताजमहल ने
सबसे ज्यादा 56.83 करोड़ रुपये की कमाई की है. बता दें कि हाल ही में
सुप्रीम कोर्ट ने ताजमहल में गंदगी और उसके रख-रखाव को लेकर एएसआई को लताड़
लगाई थी. जानकारी के मुताबिक 2016-17 के बाद से इन स्मारकों में आगंतुकों
की संख्या एका-एक बढ़ी है.
2017-18 में ताजमहल को देखने के लिए
पहुंचने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 64.58 लाख हो गई, जो कि 2016-17 में
महज 50.66 लाख थी. इसके अलावा, 30.55 करोड़ रुपये की कुल कमाई के साथ
यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर घोषित आगरा के किले ने कमाई के मामले में
दूसरा स्थान प्राप्त किया है. वहीं, 23.46 करोड़ की कमाई के साथ कुतुब
मीनार तीसरे नंबर पर, 19.04 करोड़ रुपये की कमाई के साथ फतेहपुर सीकरी चौथे
पर और 16.17 करोड़ रुपये की कमाई के साथ लाल किला पांचवें नंबर पर है.
हालांकि,
सबसे ज्यादा आगंतुकों के मामले में ताजमहल के बाद 32.3 लाख लोगों की
संख्या के साथ ओडिशा का कोणार्क सूर्य मंदिर जरूर दूसरे स्थान पर रहा,
लेकिन यहां सिर्फ 10.06 करोड़ की ही कमाई हो सकी. अधिकारियों की मानें तो
यहां आने वाले लोगों कि संख्या इसलिए भी कम रही क्योंकि यह स्थल केवल
भारतीय पर्यटकों के बीच लोकप्रिय है. कमाई का गणित ये है कि विश्व धरोहर
स्मारकों को लिए भारतीय पर्यटकों को एक टिकट के लिए 30 रुपये चुकाने होते
हैं, वहीं विदेशी पर्यटकों को एक टिकट के लिए 500 रुपये चुकाने पड़ते हैं.
ऐसे में जहां विदेशी पर्यटक ज्यादा आते हैं, उन स्मारकों की कमाई ज्यादा
होती है.