मोदी सरकार साल 2021 तक कोलकाता में अंडर वाटर मेट्रो दौड़ने की तैयारी में है. दरअसल, इंडियन रेल के अंतर्गत कार्य करने वाली कोलकाता मेट्रो ने देश की पहली ऐसी ट्रांसपोर्ट टनल बनाई है जो नदी के अंदर से होकर गुजरेगी. देश की पहली अंडर वाटर टनल कोलकाता में हुगली नदी के नीचे बन रही है.
वैसे कोलकाता में ही सबसे पहले मेट्रो रेल की शुरुआत की गई थी. अब कोलकात में सबसे पहले पानी के अंदर मेट्रो चलाने की तैयारी चल रही है. इस मेट्रो को कोलकाता में हुगली नदी के नीचे से गुजारा जाएगा, जिसके लिए रेलवे ने तैयारियां पूरी कर ली हैं. (Photo: Baidyanath Jha)
इस ट्रेन को चलाने के लिए खास सुरंग बनाई गई है जो 520 मीटर लंबी और करीब 30 फुट गहरी होगी. मिल रही जानकारी के मुताबिक मेट्रो नदी की तलहटी से 13 मीटर दौड़ेगी. प्रत्येक टनल का भीतरी व्यास साढ़े 5.55 मीटर तथा दीवार की मोटाई 275 मिलीमीटर है. (Photo: Baidyanath Jha)
कोलकाता मेट्रो की यह ट्रेन सॉल्ट सेक्टर 5 से हावड़ा मैदान के बीच 16 किलो मीटर का सफर तय करेगी. मेट्रो के पहले फेस को जल्द ही कोलकाता की जनता के लिए चालू कर दिया जाएगा, जिसमें वह अपनी इस खास यात्रा को अनुभव कर पाएंगे. (Photo: Baidyanath Jha)
ट्रेन को पानी के रिसाव से सुरक्षा देने के लिए 4 हाईटेक सुरक्षा कवच सुरंग के भीतर लगाए गए हैं. जानकारी के मुताबिक इस सुरंग को पार करने में कोलकाता मेट्रो को सिर्फ एक मिनट का वक्त लगेगा. (Photo: Baidyanath Jha)
बता दें, इस प्रोजेक्ट पर साल 2009 से काम चल रहा है, और अब उम्मीद की जा रही है कि 2021 में इस पर ट्रेन दौड़ने लगेगी. कोलकाता मेट्रो रेल के दूसरे चरण की परियोजना जापान के सहयोग से पूरी की जा रही है. इस सुरंग में 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से मेट्रो ट्रेन दौड़ पाएगी. (Photo: Baidyanath Jha)
टनल के भीतर दोनों तरफ इमरजेंसी में निकासी के लिए रास्ते होंगे. इसके अलावा वेंटिलेशन और अग्नि सुरक्षा के सारे इंतजाम भी किए जा रहे हैं, इसके लिए हावड़ा और महाकरण स्टेशनों के बीच की वेंटिलेशन शॉफ्ट के अलावा स्ट्रैंड रोड पर अतिरिक्त वेंटिलेशन साफ्ट बनाई जा रही है. (Photo: Baidyanath Jha)
टनल को अंतिम रूप देने के लिए दिन-रात काम चल रहा है. करीब एक हजार वर्कर्स दिन-रात लगे हुए हैं. इसके अलावा करीब 150 ट्रक को भी प्रोजेक्ट में लगाया गया है. कोलकाता मेट्रो भारतीय रेल के अधीन आता है और रेलवे इस पूरे प्रोजक्ट पर 8572 करोड़ रुपये खर्च कर रही है. (Photo: Baidyanath Jha)
बता दें, कोलकाता मेट्रो का इस्ट-वेस्ट प्रोजेक्ट करीब 16 किलोमीटर लंबा है, जो सॉल्ट लेक स्टेडियम से हावड़ा मैदान तक फैला है. सॉल्ट लेक सेक्टर-5 से सॉल्ट लेक स्टेडियम के बीच इस लाइन पर करुणामयी, सेंट्रल पार्क, सिटी सेंटर और बंगाल केमिकल मेट्रो स्टेशन मौजूद हैं. (Photo: Baidyanath Jha)
इससे पहले सी प्लेन तक के जरिए पानी के ऊपर हवाई जहाज देश में चल चुके हैं और आने वाले वक्त में देश में उड़ने वाली बसों की तैयारी भी हो रही है. इस कड़ी में पानी के अंदर ट्रेन चलाकर एक और कीर्तिमान रचा जा रहा है. कुछ दिन पहले खुद रेल मंत्री पीयूष गोयल ने वीडियो ट्वीट कर इस प्रोजेक्ट के अंतिम रूप दिए जाने की जानकारी दी थी. (Photo: Baidyanath Jha)