तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और डीएमके चीफ एम करुणानिधि का मंगलवार को निधन हो गया. वह 94 साल के थे.
करुणानिधि 28 जुलाई से चेन्नई के कावेरी अस्पताल में भर्ती थे. मंगलवार को शाम 6 बजकर 10 मिनट पर करुणानिधि का निधन हुआ.
करुणानिधि के निधन पर रजनीकांत ने कहा कि आज मैंने अपने 'कलैगनार' को खो दिया है. यह एक ऐसे शख्स थें जिन्हें मैं कभी नहीं भूल सकता. आज मेरे जीवन का काला दिन है.
करुणानिधि के निधन से उनके समर्थकों में चीख-पुकार मच गई है.
जैसे ही करुणानिधि के निधन की खबर आई, उनके चाहने वालों की आंखों में आंसू छलक आए.
94 वर्षीय द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के सुप्रीमो करुणानिधि को पिछले महीने ब्लड प्रेशर का स्तर गिरने के कारण भर्ती कराया गया था.
पहले उनका इलाज घर पर ही चल रहा था, लेकिन बाद में तबीयत बिगड़ने के कारण उन्हें कावेरी अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
चाहने वालों को विश्वास नहीं हो रहा है कि अब उनका हीरो नहीं रहा.
दक्षिण की राजनीति के पितामह कहे जाने वाले करुणानिधि के बीमार होने और अस्पताल पहुंचने की खबर आते ही उनका हालचाल जानने वालों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया था.
करुणानिधि के नाम हर चुनाव में अपनी सीट न हारने का रिकॉर्ड भी रहा. वो पांच बार मुख्यमंत्री और 12 बार विधानसभा सदस्य रहे. उन्होंने जिस भी सीट पर चुनाव लड़ा हमेशा जीत हासिल की थी.
करुणानिधि ने 1969 में पहली बार राज्य के मुख्यमंत्री का पद संभाला था, इसके बाद 2003 में आखिरी बार मुख्यमंत्री बने थे.
पिछले दो दिनों से करुणानिधि की सेहत में लगातार गिरावट आ रही थी.
कावेरी अस्पताल की ओर से 6:40 बजे जारी की गई प्रेस रिलीज के अनुसार, करुणानिधि ने 6:10 बजे अंतिम सांस ली.
कुछ समय पहले पीएम मोदी ने करुणानिधि से मुलाकात की थी.