दिल्ली से सटे फरीदाबाद में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से लेकर कांग्रेस के तमाम दिग्गज मिशन 2014 की तैयारी में जुटे हैं. सूरजकुंड में शुक्रवार सुबह दस बजे से कांग्रेस का चिंतन शिविर जारी है. कांग्रेस का चिंतन शिविर शाम तक चलेगा.
चिंतन शिविर में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के अलावा तमाम दिग्गज मौजूद हैं.
शिविर में सरकार और पार्टी आपस में संवाद कायम करने की कोशिश कर रहे हैं.
कांग्रेस प्रयास कर रही है कि सरकार अपनी कमियों को दूर कर सके.
कांग्रेस इस तैयारी में है कि पिछले दो महीने में लिए गए कड़े फैसलों के बाद दोबारा आम जनता को इस पार्टी से जोड़ा जा सके.
दरअसल यह 2014 में होने वाले आम चुनाव की तैयारी का ही हिस्सा है.
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और वित्तमंत्री पी चिदंबरम आर्थिक हालात का ब्योरा दे रहे हैं.
बताया जा रहा है कि राहुल गांधी को पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी देने पर भी शिविर में विचार किया जा सकता है.
फरीदाबाद के सूरजकुंड में कांग्रेस का शिविर चल रहा है.
यूं तो इसे संवाद शिविर कहा जा रहा है, लेकिन जानकार मानते हैं कि यह चिंतन शिविर है.
इसके जरिए कांग्रेस 2014 के चुनाव की तैयारी कर रही है. पार्टी की एकदिवसीय बैठक में मंत्रियों और कांग्रेस कार्य समिति के सदस्यों सहित लगभग 70 लोग हिस्सा ले रहे हैं.
यही वजह है कि कांग्रेस के इस शिविर में प्रधानमंत्री समेत सोनिया और राहुल गांधी के साथ-साथ पार्टी के सभी दिग्गज नेता पहुंचे हैं.
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आगामी आम चुनाव के प्रति नेताओं को सचेत करते हुए शुक्रवार को सभी मंत्रियों से कहा कि 2009 के घोषणा पत्र में किए गए वादे पूरे किए जाएं.
सोनिया गांधी ने हरियाणा के सूरजकुण्ड में आयोजित पार्टी की समीक्षा बैठक में अपनी शुरुआती टिप्पणी में कहा, 'जो लोग सरकार में हैं उन्हें 2009 के घोषणा पत्र में किए गए वादों में अधूरे रह गए कार्यों को पूरे करना चाहिए.'
सोनिया ने सरकार के कल्याणकारी कदमों को अधिक गम्भीर बनाने पर नेताओं से राय मांगी.
सोनिया ने मंत्रियों से यह भी कहा कि वे पार्टी नेताओं के साथ अधिक काम करें, ताकि कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में एक संतुलन बिठाया जा सके.
सोनिया ने कहा, 'कभी-कभी पार्टी के नेता असंतुष्ट हो जाते हैं, क्योंकि मंत्री उनकी चिंताओं और उनके सुझावों पर ध्यान नहीं देते. पार्टी नेताओं और सरकार के लोगों के बीच अनवरत संवाद जारी रहना चाहिए.'
सोनिया ने मंत्रियों से कहा कि वे जब भी राज्यों का दौरा करें, खासतौर से विपक्ष शासित राज्यों का, उन्हें पार्टी दफ्तरों और पार्टी कार्यक्रमों में अधिक समय देना चाहिए.
सोनिया ने खुदरा में विदेशी निवेश का जिक्र नहीं किया, लेकिन कहा कि सरकार को हाल में कुछ कठिन निर्णय लेने पड़े हैं, और इसके बारे में जनता को समझाया जाना चाहिए.
सोनिया ने विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे झूठे आरोपों को खारिज करने का भी पार्टी और सरकार से आग्रह किया. उन्होंने कहा, 'हमारे पास अगले लोकसभा चुनाव के लिए लगभग 18 महीने बचे हैं. हमें चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा.'