आजतक पर भारत-चीन संबंधों पर महत्वपूर्ण बहस हुई. इस चर्चा में यह सवाल उठाया गया कि क्या भारत को चीन पर भरोसा करना चाहिए. डिबेट में कहा गया कि भारत को अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए. अपनी घरेलू इंडस्ट्री को भी मजबूत करना चाहिए.