ट्रंप के बयान पर भारत की चुप्पी को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं. विदेश मंत्री और विदेश सचिव ने ट्रंप का नाम लेना भी उचित नहीं समझा। सरकार से पूछा जा रहा है कि ट्रंप के बयान को क्यों नहीं नकारा गया.