विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयसस ने वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य को आगे बढ़ाने और क्षेत्रीय स्वास्थ्य मुद्दों के लिए नेतृत्व और प्रतिबद्धता जताने के लिए काम करने वाले छह पुरस्कारों की घोषणा की. इनमें से एक पुरस्कार भारत की आशा कार्यकर्ताओं को कोरोना के समय जनता की सेवा करने के लिए मिला है.
देशभर में आशा कार्यकर्ताओं ने कोरोना की पहली और दूसरी लहर के दौरान अभूतपूर्व काम किया था. जब अस्पतालों में जगह और डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा था तो आशा कार्यकर्ताएं लोगों की सेवा के लिए डटकर सामने खड़ी हुई थीं.
ASHA (Accredited Social Health Activist)
WHO की ओर से भारत की करीब 10 लाख महिला आशा कार्यकर्ताओं को, समुदाय को स्वास्थ्य प्रणाली से जोड़ने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के लिए सम्मानित किया गया है. कोविड-19 महामारी के समय गरीबी में रहने वाले लोगों की प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल आशा कार्यकर्ताओं ने ही की थी.
आशा कार्यकर्ताओं ने बच्चों को टीके से रोके जा सकने वाली बीमारियों, मातृ देखभाल और टीकाकरण के लिए काम किया. वो लगातार सामुदायिक स्वास्थ्य देखभाल, हाई ब्लड प्रेशर और टीवी के लिए इलाज और पोषण, स्वच्छता और स्वस्थ जीवन के लिए काम कर रही हैं.
अफगानिस्तान की पोलियो कार्यकर्ताओं को सम्मान
अफगानिस्तान में पोलियो कार्यकर्ता को भी WHO की ओर से सम्मानित किया गया है. इन स्वयंसेवकों की बंदूकधारियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी. इनमें चार पोलियो कार्यकर्ता महिलाएं थीं. ये आठ स्वयंसेवक उत्तर-पूर्वी अफगानिस्तान में घर-घर के अभियानों के माध्यम से हजारों बच्चों तक पहुंच रहे थे.