Covid-19 In Tamil Nadu: बीस दिनों के अंदर तमिलनाडु सरकार के दूसरे मंत्री का उत्तर भारतीयों के खिलाफ आपत्तिजनक बयान आया है. बुधवार को राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मा. सुब्रमण्यम का बयान सामने आया. उन्होंने कहा है कि उत्तर भारतीय छात्र तमिलनाडु में कोरोना संक्रमण फैला रहे रहे हैं.
मंत्री सुब्रमण्यम ने कहा कि केलमबक्कम वीआईटी कॉलेज और सत्यसाई कॉलेज के छात्र हॉस्टल और क्लास में कोविड-19 पॉजिटिव हुए हैं. कुछ उत्तर भारतीय राज्यों में, कोविड के मामले अभी भी बढ़ रहे हैं.
शिक्षा मंत्री ने कहा था- हिंदी भाषी बेचते हैं पानीपुरी
बता दें हाल ही में तमिलनाडु के शिक्षा मंत्री ने भी एक विवादित बयान दिया था. राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री पोनमुडी ने 13 मई को कहा था कि हिंदी बोलने वाले पानीपुरी बेचते हैं. उन्होंने कहा था कि जो हिंदी बोल रहे हैं वे कोयंबटूर में पानीपुरी बेच रहे हैं. पोनमुडी ने भारथिअर विश्वविद्यालय, कोयंबटूर में एक दीक्षांत समारोह को संबोधित करने गए थे. उन्होंने कहा था कि हिंदी की तुलना में अंग्रेजी अधिक मूल्यवान है.
हिंदी को अनिवार्य नहीं, वैकल्पिक होना चाहिए- पोनमुडी
शिक्षा मंत्री ने कहा था कि तमिल छात्र किसी भी भाषा को सीखने के इच्छुक हैं और हिंदी को अनिवार्य नहीं बल्कि वैकल्पिक होना चाहिए. कोयंबटूर के विश्वविद्यालय के छात्रों को संबोधित करते हुए, तमिलनाडु के उच्च शिक्षा मंत्री पोनमुडी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के लाभकारी पहलुओं को लागू करने का वादा किया था.
शिक्षा मंत्री ने किया था सवाल- क्यों सीखनी चाहिए हिंदी
उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार केवल दो-भाषा सिस्टम को लागू करने के लिए संकल्पित थी. दीक्षांत समारोह में तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि भी शामिल हुए जिनके साथ मंच साझा करते हुए पोनमुडी ने सवाल किया कि हिंदी क्यों सीखनी चाहिए, जबकि अंग्रेजी एक अंतरराष्ट्रीय भाषा के तौर पर पहले से ही सिखाई जा रही है.