परिवार नियोजन को लेकर सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई है. इस जनहित याचिका के बाद सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार ने जवाब दाखिल करते हुए कहा है कि बच्चों की निश्चित संख्या के लिए दबाव डालने से प्रतिक्रिया होती है.
सुप्रीम कोर्ट में दायर हलफनामे में केंद्र सरकार ने कहा कि परिवार नियोजन कार्यक्रम स्वैच्छिक है. भारत में प्रजनन दर में गिरावट आ रही है. भारत प्रजनन दर की प्रतिस्थापना को देख रहा है. परिवार नियोजन के लिए कई कार्यक्रम शुरू किए गए हैं.
अश्विनी उपाध्याय की याचिका पर केंद्र सरकार ने जवाब देते हुए बताया कि नेशनल पॉपुलेशन पॉलिसी 2000 के मुताबिक भारत की प्रजनन दर 3.2 थी. लेकिन अब इसमें और गिरावट आई है और 2018 के मुताबिक यह 2.2 है.
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केंद्र सरकार ने बताया कि परिवार नियोजन को लेकर कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं. हर साल जुलाई में विश्व जनसंख्या दिवस मनाया जाता है और इस दौरान पूरे महीने परिवार नियोजन को लेकर जागरूकता के लिए अभियान चलाया जाता है. केंद्र ने बताया कि परिवार नियोजन के लिए सरकार ने मिशन परिवार विकास नवंबर 2016 में शुरू किया था.