Mansukh L. Mandaviya संसद का बजट सत्र चल रहा है. लोकसभा में आज भी कार्यवाही की हंगामेदार शुरुआत हुई है. लोकसभा में कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्य प्ले कार्ड लेकर वेल में आ गए. विपक्ष के जोरदार हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी. लोकसभा में आसन पर कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी आए थे.
वहीं, राज्यसभा में कार्यवाही की शांतिपूर्ण शुरुआत हुई. शून्यकाल के दौरान विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने ओडिशा में एक दलित व्यक्ति के साथ अमान्वीय व्यवहार का मुद्दा उठाया और मध्य प्रदेश की पुरानी घटना का भी जिक्र किया. राज्यसभा में भी हंगामा देखने को मिला.
इंडस्ट्रियल रिलेशंस (अमेंडमेंट) बिल राज्यसभा से भी पास हो गया है. श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया ने राज्यसभा में इस बिल पर हुई संक्षिप्त चर्चा का संक्षेप में जवाब दिया और उसके बाद यह बिल सदन से पारित हो गया.
केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा कि इस बिल का विरोध नहीं करना चाहिए. हमें इंडस्ट्रीज का विरोध नहीं करना चाहिए. हमें इंडस्ट्रीज और मजदूरों के बीच संतुलन रखना चाहिए, मजदूरों और इंडस्ट्रीज को आमने-सामने रखा गया आजतक. ऐसा करके हम आगे नहीं बढ़ सकते. इस बिल में हमने अपॉइंटमेंट लेटर देने का भी प्रावधान किया है. महिलाओं और पुरुषों को समान वेतन देने की गारंटी ये चार लेबर कोड देते हैं. बीमारी किसी को पूछ के नहीं आती. मजदूर छोटी-मोटी बीमारी की उपेक्षा करते हैं. ये हमारा लेबर कोड 40 साल से अधिक उम्र के मजदूरों को साल में एक हेल्थ चेकअप की गारंटी देता है. ईएसआईएस का हॉस्पिटल होता है. उसमें मजदूर के बेटे-बेटी को रिजर्वेशन दिया गया. हमने ऐसा ही एक मेडिकल कॉलेज प्रेमचंद्रन जी के कहने पर उनके क्षेत्र में अप्रूव किया. स्टेट को एक सर्टिफिकेट देना था, देने से मना कर दिया. वह दौड़ते-दौड़ते हमारे पास आए, प्रधानमंत्री के पास गए. इसमें मजदूरों का इलाज होना था. आज ये मजदूरों के हितैषी बन रहे हैं. हमने इस चार लेबर कोड से सुनिश्चित किया है कि मजदूरों का कल्याण हो, मजदूरों को सोशल सिक्योरिटी मिले. देश बदल रहा है, आगे बढ़ रहा है. 12 फरवरी को इन्होंने देश बंद करने की अपील की थी. देश की जनता ने कहा हम आपके साथ नहीं हैं. मजदूरों ने कहा हम आपके साथ नहीं हैं. फिर भी इनको समझ नहीं आ रहा है.
विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि यह बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण विषय है. इसकी तरफ ध्यान क्यों नहीं जा रहा, मुझे मालूम नहीं है. चार लेबर कोड जो इन्होंने बनाया है, वह मजदूरों का गला घोंटने की साजिश है. कॉर्पोरेट से मिलकर ये बिल रिपील कर ये सारे लोग मजदूरों का गला घोंट रहे हैं. मैं इसका विरोध करता हूं. मुझे जस्टिफाई करना है, कि किस तरह से आप ये सब कर रहे हैं. उपसभापति हरिवंश ने चेयर से कहा कि आपको केवल दो मिनट का समय माननीय चेयरमैन ने दिया है. खड़गे ने कहा कि मुझे पांच मिनट चाहिए. मुझे जस्टिफाई करना है कि ये किस तरह से क्या कर रहे हैं. इस पर उपसभापति ने कहा- नो नो. विपक्ष के नेता हैं, इसीलिए आपको ये टाइम दिया गया है. इसके बाद विपक्षी कांग्रेस के सदस्य राज्यसभा से वॉकआउट कर गए.
डोला सेन ने कहा कि ये नए लेबर कोड्स मजदूर विरोधी हैं. इस पर ऑल पार्टी कमेटी में चर्चा होनी चाहिए. ये मजदूर विरोधी हैं. डीएमके सांसद आर गिरिराजन ने भी इस बिल का विरोध किया और कहा कि यह बिल श्रमिकों के हित के लिए नहीं, श्रमिक हितों को कमजोर करने के लिए है. इसमें ट्रेड यूनियन रिप्रेजेंटेशन से लेकर कलेक्टिव बार्गेनिंग तक, कमजोर किया गया है. वाईएसआरसीपी सांसद अयोध्या रामी रेड्डी ने बिल का समर्थन किया. निरंजन बिशी ने नए नियमों को विरोध किया और कहा कि इसमें ट्रेड यूनियन एक्ट और अन्य कानूनों की प्राकृतिक न्याय की अवधारणा के खिलाफ है. यह मजदूरों के हितों को नष्ट करेगा. एआईएडीएमके सांसद डॉक्टर एम थंबीदुरई ने कहा कि श्रमिकों के हितों की सुरक्षा होनी चाहिए. लीगल फैक्ट का ध्यान रखते हुए हम भी इस बिल का समर्थन करते हैं. लेफ्ट सांसद संदोष कुमार पी ने कहा कि ये लेबर कोड मजदूरों के हित के लिए नहीं हैं. ये पूरी तरह से मजदूर विरोधी हैं. हम इसका विरोध करते हैं.
इंडस्ट्रियल रिलेशंस बिल राज्यसभा में पेश हो गया है. श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया ने यह बिल पेश किया. इस बिल पर चर्चा के लिए कुल मिलाकर 30 मिनट का समय आवंटित किया गया है. राज्यसभा में इस पर चर्चा की शुरुआत कांग्रेस के जयराम रमेश ने की है. जयराम रमेश ने बिल को सरकार की विफलता का सबूत बताया है और कहा है कि यह बिल आज लाया जाना ही सरकार की विफलता का सबूत है. 23 सितंबर को ही डिस्कशन में भी हमने कहा था कि बिना पुराने नियमों को रिपील किए बिना नया कानून नहीं बना सकते. यह लेबर कोड्स मजदूर विरोधी हैं, कलेक्टिव बार्गेनिंग और ट्रेड यूनियनों को कमजोर करता है. ये लेबर कोड मजदूर विरोधी हैं.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्यसभा में बजट पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि हमने 2020-21 के बजट में प्रधानमंत्री चाय योजना शुरू की थी. इस योजना का कई राज्य क्रियान्वयन कर रहे हैं और इसका लाभ साढ़े तीन करोड़ लोगों को मिल भी रहा है. पश्चिम बंगाल ने इसे पांच वर्षों से क्यों रोक रखा है, क्यों लागू नहीं किया. पश्चिम बंगाल के किसान परेशान हैं. उन्होंने आयुष्मान भारत जैसी अन्य योजनाएं भी गिनाईं, जिन्हें पश्चिम बंगाल सरकार ने लागू नहीं किया है.
जया बच्चन ने वित्त मंत्री की स्पीच में अपना जिक्र होने के बाद वित्त मंत्री को बीच में ही टोका और कहा कि आपने बहुत अच्छा-अच्छा जवाब दिया. आप ग्रेट स्टोरी टेलर हैं. उन्होंने कहा कि मैंने डिजाइनिंग इंस्टीट्यूट्स की बात नहीं की. मैंने एंटरटेनमेंट टैक्स की बात की, टिकट्स पर टैक्स की बात की. आप वो बताइए ना. इस पर वित्त मंत्री ने फिर कहा कि बात पूरी नहीं हुई थी और नया सवाल आ गया. पहले यही बोल लेती हूं. इस पर विपक्ष की ओर से हंगामा शुरू हो गया. वित्त मंत्री ने उंगली दिखाए जाने पर आपत्ति की और कहा कि मैं डेटा दे रही हूं, जवाब दे रही हूं. इस तरह की रनिंग कॉमेंट्री मैं एंटरटेन नहीं करूंगी. वित्त मंत्री ने कहा कि एंटरटेनमेंट टैक्स और टिकटिंग ये राज्य के विषय हैं, इन पर मुझसे सवाल नहीं पूछे जा सकते. जया बच्चन इसके बाद फिर अपनी चेयर पर खड़ी हुईं. इस पर सभापति ने उन्हें टोका और कहा कि जया बच्चन जी, ये बहुत ज्यादा हो रहा. अपनी सीट पर बैठें.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पर चर्चा का जवाब देते हुए राज्यसभा में डीएमके सांसद को कोट करते हुए तमिलनाडु के बजट का आंकड़ा बता विपक्ष को घेरा. वित्त मंत्री तमिल में बोल रही थीं. इस पर विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने आपत्ति की और कहा कि वित्त मंत्री जो कुछ भी कहना चाह रहीं, कह रही हैं और हम शांति से सुन रहे हैं. लेकिन वह तमिलनाडु पर बोल रही हैं, वहां चुनाव हैं. वित्त मंत्री भारत के बजट पर बोल रही हैं या तमिलनाडु के बजट पर. यह ठीक नहीं है. वित्त मंत्री ने कहा कि तमिलनाडु में इनका डीएमके के साथ अलायंस है, इसलिए ये बोलने उठ गए. वित्त मंत्री ने इसके बाद बजट में तमिलनाडु के लिए की गई एक-एक घोषणाएं गिनाईं.
लोकसभा की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित हो गई है. लोकसभा की कार्यवाही स्थगित होने से पहले बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी के खिलाफ सब्सटैंटिव मोशन पेश किया. उन्होंने यह मोशन पेश करते हुए कहा कि विपक्ष का जो नेता है, राहुल गांधी. वह अर्बन नक्सल की तरह व्यवहार करता है. उसके सोरोस और फोर्ड फाउंडेशन के साथ संबंध हैं. वह कभी वियतनाम जाता है, कभी कम्बोडिया जाता है, कभी चुनाव आयोग पर आरोप लगाता है, कभी संविधान पर सवाल उठाता है.
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी कांग्रेस पार्टी के सांसदों से मुलाकात कर रहे हैं. राहुल गांधी की कांग्रेस सांसदों से यह मुलाकात ऐसे समय पर हो रही है, जब बजट सत्र का पहला हिस्सा अपने अंतिम पड़ाव की ओर है. बजट सत्र के पहले हाफ का 13 फरवरी को समापन होना है. इससे पहले, राहुल गांधी ने कांग्रेस सांसदों से मुलाकात की.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण राज्यसभा में बजट पर चर्चा का जवाब दे रही हैं. वित्त मंत्री ने कहा कि इस बजट में लंबी अवधि के लिए प्रोडक्टिविटी कैपिसिटी बढ़ाने के साथ ही एनर्जी सिक्योरिटी पर भी ध्यान दिया गया है. हम रोजगार सृजन को समर्थन दे रहे हैं. इस बजट में ह्यूमन कैपिटल विकसित करने के लिए एक हजार करोड़ इस वित्तीय वर्ष के लिए आवंटित किया गया है. मेडिकल टूरिज्म को प्रमोट करने का भी लक्ष्य हमने रखा है.
लोकसभा में इंडस्ट्रियल रिलेशंस (अमेंडमेंट) बिल पर ध्वनिमत से मतदान हुआ. यह बिल ध्वनिमत से पारित हो गया है.
लेबर बिल पर मतदान हो रहा है. इस बिल पर सदस्य संशोधन के प्रस्ताव पेश कर रहे हैं. एनके प्रेमचंद्रन का संशोधन प्रस्ताव गिर गया है. वहीं, डी पुरंदेश्वरी की ओर से लाया गया संशोधन प्रस्ताव स्वीकृत हो गया है. पीठासीन कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी एक-एक खंड पर संशोधन प्रस्ताव को लेकर ध्वनिमत से वोटिंग करा रहे हैं.
मनसुख मंडाविया ने कहा कि अनऑर्गेनाइज सेक्टर में काम करने वाले कैजुअल लेबर 24 परसेंट से कम होकर 19 परसेंट हो गए हैं. देश आगे बढ़ रहा है, विकास कर रहा है. रोजगार और बेरोजगारी को लेकर एक डेटा रखना चाहता हूं. 1935 में रिजर्व बैंक बना था. आरबीआई क्लेम डेटा सर्वे करता था. 2003-04 में 44 करोड़ लोगों को काम मिला था. 2013-14 में 47 करोड़ को काम मिला. 2023-24 में क्लेम डेटा ने कहा कि 64 करोड़ लोगों को काम मिला. ये लेबर कोड हर श्रमिक को प्रोटेक्ट करता है. उन्होंने मैन्यूफैक्चरिंग से लेकर सर्विस सेक्टर तक, जॉब के अवसर से जुड़े आंकड़े बताते हुए मनसुख मंडाविया ने कहा कि ईपीएफ के डेटा में हर वर्ष 1 करोड़ से अधिक लोग नई जॉब में आए हैं. यह संभव तब हुआ, जब देश ने रोजगार के लिए समय-समय पर कदम उठाया. मोदी जी ने पहले ही बजट में दो लाख करोड़ का पैकेज घोषित की नई जॉब के लिए. प्रधानमंत्री विकसित भारत स्वरोजगार योजना के जरिये भी लोगों को रोजगार के मौके दिए गए. कामगार को काम मिले, हितों की रक्षा भी हो, समान वेतन भी मिले और सोशल सिक्योरिटी की गारंटी भी मिले. कामगार की ओर से इन चार कानूनों पर अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है. ये एक छोटा सा अमेंडमेंट है, लीगल क्लैरिटी लाने के लिए ये बिल लाया हूं. मजदूरों के हित में आगे भी जो कुछ भी सुझाव आपकी ओर से आएगा, हम करेंगे.
केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा कि ट्रेड यूनियन के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया में हमने कोई बदलाव नहीं किया है. सोशल सिक्योरिटी सुनिश्चित करने के लिए हमने ईएसआई का प्रावधान किया है. उन्होंने कहा कि आज भारत 94 करोड़ लोगों को सोशल सिक्योरिटी कवरेज देने वाला देश है. पहले केवल 25 करोड़ लोगों को सोशल सिक्योरिटी मिलती थी. 2028 तक सौ करोड़ लोगों को इसके दायरे में लाए जाने की योजना है. कार्य स्थल पर न्याय ही सामाजिक न्याय की नींव है. यही इन श्रमिक कानूनों की नींव है. श्रमेव जयते ही इस सरकार का उद्देश्य है. चाय बेचने वाला जब प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठा है, यही आपको नहीं पच रहा है. जो व्यक्ति खुद अपने परिवार में देखकर आया है, झेलकर आया है, आप उसको सिखाओगे कि श्रमिक का कल्याण कैसे करना है. जब वन परसेंट जीडीपी ग्रोथ होता है, तब वन परसेंट एम्प्लॉयमेंट ग्रोथ होना चाहिए, तब ग्रोथ होता है. हमारी सरकार 2017 से 2024 तक, हमारा आर्थिक विकास 7 से 8 परसेंट है. हमारी सरकार में एम्प्लॉयमेंट 1.1 परसेंट की दर से बढ़ रहा है. 2017 के पहले तक रोजगार-बेरोजगार को लेकर कोई मैकेनिज्म नहीं था. आज सारी दुनिया में भारत के पीएलएफएस के डेटा को ऑथेंटिक मानती है. पूरे देश की कुल आबादी में कामकाजी कितने हैं. 2017 में यह 48 परसेंट था और आज 57 परसेंट है. हमने ज्यादा लोगों को काम दिया है. अंतरराष्ट्रीय संगठन कहता है कि बेरोजगारी दर कम होकर 3.2 परसेंट हो गया है. सच के साथ रहने से लोग भरोसा करते हैं. देश में स्वरोजगार 2017 में 52 परसेंट था, वह बढ़कर 58 परसेंट हुआ है.
श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया लेबर कोड पर चर्चा का जवाब दे रहे हैं. मनसुख मंडाविया ने दावा किया कि ये कानून श्रमिकों के हित में हैं. उन्होंने कहा कि कुछ संगठन विरोध में हो सकते हैं, लेकिन 17 ट्रेड यूनियनों ने इनका समर्थन भी किया है. मनसुख मंडाविया ने विपक्ष पर राजनीतिक विरोध का आरोप लगाते हुए कहा कि आप विरोध करते रह गए और देश ने पीएम मोदी पर भरोसा किया. ये कानून पूरी तरह से श्रमिकों के हित में है. हमने महिला-पुरुष के लिए समान वेज के साथ ही एक भी कर्मचारी होने पर ईएसआई की सुविधा का प्रावधान किया गया है.
एडवोकेट चंद्रशेखर ने कहा कि कहा जा रहा है कि ये केवल तकनीकी संशोधन है. बात जब मजदूरों और उनके अधिकारों पर आती है, तब कोई संशोधन तकनीकी नहीं होता. जिनके लिए कानून ला रहे हैं, उनसे कोई सलाह ली है. क्यों ट्रेड यूनियनें हड़ताल पर हैं. कर्मचारियों की सीमा घटा दी गईं छंटनी के लिए. इससे एससी, एसटी और पिछड़े वर्ग के ज्यादातर श्रमिक इस कानून से प्रभावित होंगे. छोटी इकाइयों में कार्यरत श्रमिकों पर असर पड़ेगा. यह कानून हायर और फायर की छूट देते हैं. सरकार ट्रेड यूनियनों का पर्याप्त प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करे. हम सुधार विरोधी नहीं हैं, लेकिन श्रमिकों के हित सुरक्षित रहें. कर्मचारियों को पूर्ण संरक्षण मिले. जब विरोध का अधिकार ही छीन लेंगे, तो मजदूरों को पूंजीपति मार देंगे न. सरकार उचित संशोधन करे, जिससे श्रमिकों के साथ अन्याय न हो.
लेफ्ट सांसद सुदामा प्रसाद ने मांग की है कि सरकार नए श्रमिक कानून वापस ले. बिहार के आरा से सांसद सुदामा प्रसाद ने कहा कि नए कानून श्रमिकों के हितों के खिलाफ हैं. ये कानून वापस लिए जाने चाहिए. हमें श्रमिकों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी.
महाराष्ट्र के बारामती से एनसीपी (एसपी) की सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि हम इनके कैपिटलिज्म के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन श्रमिकों के हित की सुरक्षा होनी चाहिए. हर एक श्रमिक भारतीय है और हर भारतीय को अधिकार हैं. उनके अधिकारों की सुरक्षा के लिए हम हमेशा लड़ेंगे.
लोकसभा में बजट चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के भाषण ने सियासी तूफान खड़ा कर दिया है. केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 'एपस्टीन फाइल्स' से जुड़े आरोपों पर पलटवार करते हुए राहुल के दावों को बेबुनियाद बताया है.
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शिवसेना (यूबीटी) की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने वरिष्ठ नागरिकों का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि इस बजट से वरिष्ठ नागरिकों को बहुत उम्मीद थी, लेकिन इसमें उनके लिए कुछ भी नहीं है. वरिष्ठ नागरिकों को ओल्ड एज पेंशन मिलती भी है तो वह बहुत कम होती है. उनके पास पैसे नहीं होते. आय का कोई साधन नहीं होता.
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ सरकार ने विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाने का ऐलान किया था. गुरुवार को संसद भवन के मकरद्वार पर पत्रकारों ने राहुल गांधी से इसे लेकर सवाल पूछ लिया. पत्रकारों के सवाल पर भड़के राहुल गांधी ने सीधा जवाब देने की जगह उन्हें ही घेर लिया. राहुल ने पत्रकारों पर ही उल्टा सवाल दाग दिया- क्या आज आपको यही कोड वर्ड दिया गया है? कल कोड वर्ड ‘ऑथेंटिकेट’ था? थोड़ा अपना काम किया करो भाई. अब जो मैंने कहा है, वही चलाइए.
लोकसभा में इंडस्ट्रियल रिलेशन बिल पर चर्चा चल रही थी. लोकसभा में अब भोजनावकाश हो गया है. लोकसभा की कार्यवाही दो बजे तक के लिए स्थगित हो गई है. वहीं, राज्यसभा में बजट पर चर्चा जारी है.
राहुल गांधी ने एक दिन पहले लोकसभा में बजट पर बोलते हुए एपस्टीन फाइल्स का जिक्र किया था. राहुल गांधी ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के नाम लेकर भी आरोप लगाए थे. सरकार ने इसे लेकर राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाने का ऐलान किया था. सरकार ने अब अपना फैसला बदल लिया है. सरकार अब राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव नहीं लाएगी. सरकार ने खुद प्रस्ताव लाने का ऐलान किया था और अब फैसला बदल लिया. इसके पीछे गतिरोध के बाद मशक्कत से पटरी पर लौटी लोकसभा में नया गतिरोध शुरू करने से बचने की कवायद भी वजह बताई जा रही है. गौरतलब है कि विपक्ष ने प्रिविलेज मोशन लाए जाने को ध्यान भटकाने की साजिश बताते हुए सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा था. विपक्षी शिवसेना (यूबीटी) की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा था कि विशेषाधिकार हनन सत्ता में बैठे लोगों ने किया है देश का सौदा करके. अमेरिका के सामने घुटने टेके हैं और 140 करोड़ लोगों का विश्वास तोड़ने का काम किया है.
इंडस्ट्रियल रिलेशन कोड (संशोधन) बिल लोकसभा में पेश हो गया है. श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया ने लोकसभा में यह बिल पेश कर दिया है. मनसुख मंडाविया ने ये बिल पेश करते हुए कहा कि छोटा सा संशोधन लेकर आए हैं. सदन इसे विचार कर पारित करे. विपक्ष की ओर से के सुरेश ने इस बिल पर बोलते हुए कहा कि यह श्रमिकों के हित में नहीं है. लोकसभा में इस बिल पर चर्चा चल रही है.
लोकसभा की कार्यवाही फिर शुरू हो गई है. सदन में लिस्टेड बिजनेस लिए जा रहे हैं. चेयर पर संध्या राय हैं. इससे पहले, 11 बजे जब लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी सांसद हंगामा करते हुए प्ले कार्ड लेकर वेल में आ गए. हंगामे के बीच ही पीठासीन कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने सदन की कार्यवाही चलाने की कोशिश की. जोरदार हंगामे के कारण 10 मिनट में ही सदन की कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी थी.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक दिन पहले लोकसभा में बजट पर हुई चर्चा का जवाब दिया था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया है. पीएम मोदी ने अपनी एक्स पोस्ट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के भाषण की तारीफ की है. उन्होंने कहा है कि लोकसभा में अपने भाषण में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ये बताया कि इस वर्ष का बजट हमारे देश के आर्थिक परिवर्तन में किस तरह महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. वित्त मंत्री ने ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ पर जोर दिया और एमएसएमई को समर्थन, कौशल विकास, नई पीढ़ी के बुनियादी ढांचे को बढ़ावा, स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और शिक्षा सहित कई अन्य क्षेत्रों में सुधार के प्रयासों पर विशेष रूप से प्रकाश डाला.
कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने राज्यसभा में एआई आधारित डीप फेक वीडियो का मुद्दा उठाया. शून्यकाल के दौरान उन्होंने कहा कि डीप फेक वीडियो समाज के लिए बड़ा संकट है. आज एक आदमी भी अपने मोबाइल में महज एक ऐप डाउनलोड करके किसी की भी आवाज, चेहरे को कॉपी करके मनगढंत वीडियो बना सकता है. यह तेजी से वायरल होता है. आज हमारे पास कोई ऐसा नोडल तंत्र नहीं, जो इन्हें पकड़े और कार्रवाई करे. कल मेरे साथ ही ऐसा हुआ. पाकिस्तान के चैनलों ने वर्ल्ड कप को लेकर दो बातें जोड़कर मेरा वीडियो बना दिया. मुझे खंडन जारी करना पड़ा. चुनाव के समय नेताओं के बयानों का वीडियो भी खूब सर्कुलेट किया गया. इससे लोगों का असली वीडियो से भरोसा कम हो रहा है. वीडियो वायरल होने के बाद खंडन जारी करने पर भी नुकसान हो चुका होता है.