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सक्रिय हुआ खालिस्तान रेफरेंडम और सिख फॉर जस्टिस, लोगों के मोबाइल पर पहुंच रहे संदेश

उत्तर प्रदेश में एक बार फिर खालिस्तान रेफरेंडम और सिख फॉर जस्टिस संगठन सक्रिय होते दिख रहे हैं. यूपी और उत्तराखंड के सैकड़ों लोगों के मोबाइल फोन पर गुरपतवंत सिंह पन्नू के संदेश पहुंच रहे हैं.

सिख फॉर जस्टिस भारत में प्रतिबंधित संगठन के तौर पर है घोषित. सिख फॉर जस्टिस भारत में प्रतिबंधित संगठन के तौर पर है घोषित.
स्टोरी हाइलाइट्स
  • यूपी-उत्तराखंड में लोगों को आ रहे फोन
  • फिर सक्रिय हुआ आतंकी गुरपतवंत सिंह
  • अलग खालिस्तान का उठाता रहा है मुद्दा

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में विधानसभा चुनावों से पहले प्रतिबंधित संगठन खालिस्तान रेफरेंडम और सिख फॉर जस्टिस एक बार फिर एक्टिव हो गया है. यूपी और उत्तराखंड के सैकड़ों लोगों के मोबाइल पर गुरपतवंत सिंह पन्नू के संदेश पहुंच रहे हैं. ऑडियो संदेश में कहा जा रहा है कि 18 जुलाई को खालिस्तान रेफरेंडम के लिए वोटर रजिस्ट्रेशन शुरू होगा. 

ऐसे में लोग 18 जुलाई से वोट करने के लिए रजिस्ट्रेशन करना शुरू कर दें. संदेश गुरपतवंत सिंह पन्नू ने रिकॉर्ड किया है. खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह एक अरसे से अलग खालिस्तान बनाने का मुद्दा उठाता रहा है. संदेश में अपील की जा रही है कि 1947 के हिंदू भारत का साथ देने की गलती सिख न दोहराएं. लंदन के नंबरों से यूपी और उत्तराखंड में लोगों को फोन आ रहे हैं. 

सिख फॉर जस्टिस भारत में प्रतिबंधित संगठन है. हाल ही में नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने इस संगठन के खिलाफ केस दर्ज किया था. गुरपतवंत सिंह पन्नू पर पहले ही यूएपीए के तहत केस दर्ज है. इस संगठन का संबंध पाकिस्तान से भी है.

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ISI से मिलती है सिख फॉर जस्टिस को फंडिंग

सिख फॉर जस्टिस संगठन को आईएसआई फंडिंग मिलती है, इसका भी जिक्र कई रिपोर्ट में हो चुका है. वहीं खालिस्तान रेफरेंडम, विदेश में बैठे आतंकियों की साजिश है.

पाकिस्तान, अमेरिका, कनाडा और अन्य देशों में बैठे आतंकी चाहते हैं कि पंजाब और देश में आतंकवाद फैले. इसलिए रेफरेंडम चलाने की योजना तैयार की जा रही है. हालांकि भारतीय जांच एजेंसियों की इस पर नजर बनी हुई है.

 

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