प्रतिष्ठित संस्था IIT गुवाहाटी के एक पीएचडी स्कॉलर को 6 पॉइंट के एक अंडरटेकिंग पर हस्ताक्षर करवाया गया है. इस अंडरटेकिंग में लिखा हुआ है कि छात्र अपने रिसर्च प्रोग्राम के दौरान किसी भी विरोध प्रदर्शन में भाग नहीं लेगा.
तीस साल के हिमाचल सिंह IIT गुवाहाटी के रिसर्च स्कॉलर हैं, इन्होने NIT पटना से वायरलेस कम्युनिकेशन में एम. टेक की डिग्री है. हिमाचल सिंह से कथित तौर पर कॉलेज प्रशासन ने छः पॉइंट की अंडरटेकिंग पर हस्ताक्षर करवाएं हैं, जिसमें ये लिखा गया है कि वे किसी भी प्रोटेस्ट, धरना प्रदर्शन में भाग नहीं लेंगे. न कॉलेज में लेंगे न कॉलेज के बाहर. इसके अलावा वे ऐसा करने के लिए बाकी छात्रों की लामबंदी भी नहीं करेंगे. तभी उन्हें कैंपस में आने दिया जाएगा.
अंडरटेकिंग में लिखा हुआ है ''मैं सोशल मीडिया पर ऐसा कुछ भी नहीं लिखूंगा जो कॉलेज के शैक्षणिक माहौल को खराब करता हो.''
हिमाचल सिंह को साल 2020 में एक दूसरे छात्र के साथ भूख हड़ताल करने के लिए कॉलेज से निष्काषित कर दिया गया था. हिमाचल सिंह अपने दोस्त के साथ अपने एक प्रोफेसर ब्रजेश कुमार को अनिवार्य सेवानिवृत्त (compulsory retirement) करने के फैसले के खिलाफ हड़ताल कर रहे थे.
IIT मद्रास के असिस्टेंट प्रोफेसर ने लगाया जातिगत भेदभाव का आरोप, दिया इस्तीफा
बता दें कि प्रोफेसर ब्रजेश कुमार राय को कॉलेज प्रशासन द्वारा एक आदेश द्वारा रिटायरमेंट लेने के लिए मजबूर किया गया था. ब्रजेश कुमार राय ने कॉलेज प्रशासन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे, इसके बाद कॉलेज प्रशासन ने उन्हें कथित तौर पर जबरन रिटायरमेंट के लिए बाध्य कर दिया था.
कॉलेज के इस फैसले के खिलाफ हिमाचल सिंह और एक अन्य छात्र भूख हड़ताल पर चले गए थे. इसी कारण हिमाचल सिंह को कॉलेज प्रशासन द्वारा एक सेमेस्टर के लिए निष्कासित कर दिया गया था.
कॉलेज में दोबारा एंट्री के लिए रखीं शर्तें
8 मार्च के दिन हिमाचल सिंह को भेजे पत्र में IIT गुवाहाटी प्रशासन ने लिखा है ''संस्थान के सीनेट की मीटिंग में कॉलेज वापस आने की आपकी अपील पर अनुकूल विचार किया गया है. लेकिन IIT गुवाहाटी कैंपस में वापस आने के लिए आपको एक अंडरटेकिंग पर साइन करने होंगे. अगर आप इन शर्तों से सहमत हैं तो छात्र मामलों के विभाग को दस दिन के भीतर रिपोर्ट कर दें.
इससे पहले चार मार्च के दिन हिमाचल सिंह अपने कैंपस पहुंचे थे, लेकिन कथित तौर पर उन्हें अगले ही दिन उनके हॉस्टल से बाहर कर दिया गया. 1 अप्रैल के दिन हिमाचल सिंह ने गुवाहाटी हाईकोर्ट में एक रिट याचिका डाली. 9 अप्रैल के दिन कोर्ट ने कॉलेज को आदेश जारी करते हुए कहा कि सीनेट के निर्णय की एक कॉपी हिमाचल सिंह को भी दी जाए.
इस पूरे मामले पर प्रोफेसर ब्रजेश सिंह ने आजतक से बातचीत की. उन्होंने फोन पर कहा है कि गुवाहाटी प्रशासन का निर्णय पूरी तरह असंवैधानिक है. उन्होंने कहा कि ''इस देश में सभी नागरिकों को विरोध करने का अधिकार है. लेकिन प्रशासन का निर्णय मूलाधिकारों के खिलाफ है.''