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Delhi-Mumbai Expressway: दौसा तक मार्च 2022 में फिर अगले साल 11 घंटे में मुंबई, जानें गडकरी का फ्यूचर प्लान

केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के निर्माण का जायजा लिया. ये पूरा एक्सप्रेस-वे 1,380 किमी लंबा है. इसे 2023 तक शुरू कर दिया जाएगा.

नितिन गडकरी ने पलवल पहुंचकर कामकाज का जायजा लिया. नितिन गडकरी ने पलवल पहुंचकर कामकाज का जायजा लिया.
स्टोरी हाइलाइट्स
  • दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर काम जारी
  • केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने लिया जायजा

केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के निर्माण का जायजा लिया. इस दौरान नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने कहा कि करीब 1 लाख करोड़ रुपये की लागत से बन रहा ये एक्सप्रेस-वे देश में सबसे लंबा होगा. ये एक्सप्रेस-वे कब तक बनकर तैयार होगा? क्या खासियतें रहेंगी? इससे क्या फायदा होगा? आइए जानते हैं...

क्या है दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे?

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे की लंबाई कुल 1,380 किलोमीटर है और इसकी लागत 95 हजार करोड़ रुपये है. इस एक्सप्रेस-वे पर 12 लेन बनाए जाएंगे. ये एक्सप्रेस-वे 6 राज्यों से गुजरेगा. इसमें 380 किमी राजस्थान, 370 किमी महाराष्ट्र, 300 किमी गुजरात, 120 किमी मध्य प्रदेश और 80 किमी हरियाणा से गुजरेगा. इसमें दो कॉरिडोर भी अलग से बनाए जा रहे हैं.

क्या है इसकी खासियत?

इस एक्सप्रेस-वे पर तीन अंडर पास और पांच ओवर पास होंगे. इसमें जानवरों के लिए अलग से एनिमल वॉक वे भी होगा. इस हाइवे पर हेलीपैड भी बनाए जाएंगे, जिसमें हेलीकॉप्टर के अलावा बड़े ड्रोन भी उतारे जा सकेंगे. इस एक्सप्रेस-वे पर रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन तकनीक के जरिए टोल कलेक्शन होगा. इसे बनाने में 80 लाख टन सीमेंट और 12 लाख टन स्टील का इस्तेमाल होगा. एक्सप्रेस-वे के किनारे 20 लाख पेड़ लगाए जाएंगे जिससे पर्यावरण को फायदा होगा.

क्या होगा इससे फायदा?

नितिन गडकरी का दावा है कि इससे दिल्ली में प्रदूषण की समस्या से निजात मिलेगी. इसके बनने से दिल्ली और मुंबई के बीच की दूरी कम हो जाएगी. यात्रा के समय 24 घंटे से कम होकर 11 घंटे हो जाएगी. इस पर बस और ट्रक जैसे वाहन 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकेंगे. हर साल 32 करोड़ लीटर ईंधन की बचत होगी. 

कब तक बनकर होगा तैयार?

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे का काम लगातार जारी है. दावा है कि इससे 50 लाख दिन का रोजगार पैदा होगा. मार्च 2022 तक दिल्ली-दौसा के बीच ये शुरू हो जाएगा. वहीं मार्च 2023 में इस एक्सप्रेस-वे को पूरा खोलने की संभावना है. 

 

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