वन विभाग ने 2019 में ऐसे 6 हाथियों को रेस्क्यू किया था, जिनके मालिक उनकी उचित देखभाल नहीं कर पा रहे थे. इन 6 हाथियों में से एक है मादा हाथी मोती. अब मोती को लेकर कहा जा रहा है कि उसे मालिक ने फारुख अली नाम के व्यक्ति को 1 करोड़ रुपए में बेच दिया. मामला वन और वन्यजीव विभाग के पास पहुंचा. जांच के बाद विभाग ने इस केस में शामिल व्यक्ति को नोटिस जारी किया है.
रिपोर्ट के मुताबिक शिकायतकर्ता पारस त्यागी ने बिक्री के दस्तावेज वन विभाग को सौंप दिए हैं. इसमें बताया गया है कि फारुख मोती का कथित मालिक है. जिसने हाथी को याकूब अली के बेटे फारुख अली को 1.1 करोड़ रुपये में बेच दिया है. वहीं वन विभाग के अधिकारी ने तर्क दिया कि मोती वर्तमान में हरियाणा के यमुनानगर के बान संतौर में पुनर्वास केंद्र में स्थित है, वह सरकार की संपत्ति है. हाथी की बिक्री अवैध और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम का उल्लंघन है. मोती के यमुना नगर में स्थानांतरित होने के बाद उसका नाम बदलकर डेज़ी कर दिया गया है.
इधर, मुख्य वन्यजीव वार्डन निशीथ सक्सेना ने कहा कि एक वन्यजीव अधिकारी ने पिछले महीने मोती का दौरा किया था. लेकिन हमें मोती की कथित बिक्री की शिकायत मिली है. हालांकि हाथी की बिक्री की हम पुष्टि करते हैं. साथ ही लेनदेन में शामिल व्यक्तियों को नोटिस जारी किया गया है. यह वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत अवैध है. हम स्थिति का मूल्यांकन करेंगे और फिर कार्रवाई करेंगे.
दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश पर एक वन्यजीव पैनल ने 2016 में दिल्ली में 6 हाथियों की जांच की थी. इसमें पाया गया कि हाथियों की उचित देखभाल नहीं की जा रही थी. इसके बाद हाथियों को वहां से रेस्क्यू कराया गया था. बता दें कि फारुख के कब्जे से मोती को 2019 में बचाया गया था.