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कॉमेडियन कुणाल कामरा की मुश्किलें बढ़ीं, अटार्नी जनरल ने दी एक और अवमानना केस की अनुमति

किसी भी शख्स के खिलाफ अवमानना ​​की कार्रवाई के लिए, कंटेंप्ट ऑफ कोर्ट एक्ट 1975 की धारा 15 के तहत अटार्नी जनरल या सॉलिसिटर जनरल की सहमति आवश्यक है. वेणुगोपाल ने प्रयागराज के अधिवक्ता अनुज सिंह के अनुरोध पर नई सहमति दी है.

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कॉमेडियन कुणाल कामरा के खिलाफ केस की अनुमति (फाइल-इंस्टाग्राम)
कॉमेडियन कुणाल कामरा के खिलाफ केस की अनुमति (फाइल-इंस्टाग्राम)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 18 नवंबर के ट्वीट के लिए कुणाल कामरा पर केस की अनुमति
  • पिछले हफ्ते भी AG ने दी थी कामरा के खिलाफ अनुमति
  • अवमानना ​​की कार्रवाई को AG या SG की सहमति जरूरी

कॉमेडियन कुणाल कामरा की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं. अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कॉमेडियन के खिलाफ एक और ट्वीट के लिए अवमानना का केस चलाने की अनुमति दे दी है. 18 नवंबर को किए गए उनके ट्वीट के लिए अवमानना ​​की कार्रवाई के लिए अपनी सहमति प्रदान करते हुए अटॉर्नी जनरल ने कहा कि यह 'घोर अशिष्ट और निंदनीय' था और सुप्रीम कोर्ट के अधिकार को कमतर करने की कोशिश थी.

वरिष्ठ कानून अधिकारी ने पिछले हफ्ते भी कुणाल कामरा के खिलाफ अवमानना ​​की कार्रवाई की अनुमति दी थी, जिसमें सुप्रीम कोर्ट की आलोचना करते हुए कहा गया था कि वे "बैड टेस्ट" में थे.

किसी भी शख्स के खिलाफ अवमानना ​​की कार्रवाई के लिए, कंटेंप्ट ऑफ कोर्ट एक्ट 1975 की धारा 15 के तहत अटार्नी जनरल या सॉलिसिटर जनरल की सहमति आवश्यक है. वेणुगोपाल ने प्रयागराज के अधिवक्ता अनुज सिंह के अनुरोध पर नई सहमति दी है.

AG केके वेणुगोपाल का सहमति वाला पत्र

अटॉर्नी जनरल ने अनुज सिंह को लिखे अपने पत्र में कहा, 'मैं 18 नवंबर, 2020 (रात 9.46 बजे) के एक ट्वीट के संबंध में कुणाल कामरा के खिलाफ कंटेंप्ट ऑफ कोर्ट एक्ट 1975 की धारा 15 के तहत सहमति के लिए आपके अनुरोध पर सहमत हूं.' 

सुप्रीम कोर्ट में कामरा के खिलाफ याचिका
इससे पहले पिछले हफ्ते 13 नवंबर को भी कॉमेडियन कुणाल कामरा के खिलाफ कोर्ट की अवमानना का केस चलाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी. कुणाल कामरा ने पिछले दिनों ट्विटर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर सवाल खड़े किए थे, जिसके बाद अटॉर्नी जनरल केसी वेणुगोपाल से उन पर अदालत की अवमानना का केस चलाने के लिए इजाजत मांगी गई थी.

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अटॉर्नी जनरल की ओर से इजाजत मिलने के बाद अब सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दी गई है. हालांकि इस याचिका से इतर कुणाल कामरा ने अपने ट्वीट पर माफी मांगने से इनकार किया और कहा था कि वो कोई वकील भी नहीं करेंगे, जो उनकी ओर से स्पष्टीकरण पेश करे.

सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले पर तंज कसते हुए कुणाल ने कुछ ट्वीट किए थे, जिसमें उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज पर भी टिप्पणी की थी. इस टिप्पणी से खफा श्रीरंग काटनेशवारकर ने अवमानना का केस चलाने की अनुमति मांगी थी और अटॉर्नी जनरल ने यह अनुमति दे दी थी. जिसके बाद अदालत में याचिका दायर की गई.


 

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