चंडीगढ़ नगर निगम की मंगलवार को हुई मासिक बैठक के दौरान जबरदस्त हंगामा हुआ. बैठक में चंडीगढ़ की सांसद किरण खेर भी पहुंची थीं. बैठक शुरू होते ही आम आदमी पार्टी ने तरुणा मेहता के कांग्रेस में जाने के मुद्दे को लेकर प्रदर्शन किया. वहीं कांग्रेस ने डंपिंग ग्राउंड के मुद्दे को लेकर विरोध जताया.
इसी दौरान आम आदमी पार्टी के पार्षद ने आरोप लगाया कि सांसद किरण खेर ने उनकी सीट के पास जाकर उन्हें गाली दी. इसके बाद उन्होंने उसे विस्तार से बताते हुए सदन में उस शब्द का प्रयोग किया, जिसके बाद हंगामा मच गया.
भाजपा के पार्षदों ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी के पार्षद ने प्रधानमंत्री और सांसद को गाली दी है. हंगामे के बीच महापौर ने आम आदमी पार्टी के पार्षदों को हाउस से बाहर कर दिया और उन्हें पूरे दिन के लिए मीटिंग से बर्खास्त कर दिया.
निगम से बाहर निकाले जाने के बाद आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने निगम हाउस के बाहर मेयर और भाजपा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और नाराजगी जाहिर की.
कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी और भाजपा के पार्षदों और इस बहसबाजी पर कहा कि कि यह सब आम आदमी पार्टी और भाजपा के बीच एक सोची-समझी साजिश के तहत हुआ है.
उन्होंने कहा कि भाजपा नहीं चाहती थी कि कांग्रेस पार्टी डंपिंग ग्राउंड में लगाए जा रहे गारबेज प्लांट को लेकर चर्चा में हिस्सा ले सके.