नवंबर में जिन राज्यों के विधानसभा चुनाव हैं, उसके लिए पार्टियों ने कैंडीडेट्स की घोषणा शुरू कर दी है. कहीं टिकट कटने के बाद प्रदर्शन करते नेता हैं तो कहीं शीर्ष नेतृत्व को धन्यवाद देते हुए पोस्टर. ये हाल हर जगह है और हर पार्टी का – राजस्थान हो मध्यप्रदेश हो या छत्तीसगढ़. राजस्थान में ये आलम और ज्यादा है. और कांग्रेस के एक कदम ने ज्यादा चौंकाया है. यहाँ पार्टी ने अपने कई दिग्गज नेताओं के टिकट अब तक वेटिंग में ही रखे हैं. प्रदेश में कांग्रेस के उम्मीदवारों की दूसरी सूची आने के बाद जिन तीन नामों की सबसे ज्यादा चर्चा है वो हैं शांति धारीवाल, महेश जोशी और धर्मेंद्र राठौड़. इसके पीछे एक वजह ये भी कही जा रही है कि यही वो नाम थे जिन्होंने पिछले साल सितंबर में कांग्रेस हाईकमान के खिलाफ बगावत की थी. तब इन नेताओं ने कहा था कि वो राजस्थान में नया मुख्यमंत्री चुनने के आलाकमान के आदेश को नहीं मानेंगे. सवाल है कि क्या इन नेताओं की उम्मीदवारी घोषित करने में हो रही देरी को आलाकमान से बग़ावत करने का असर माना जाए और क्या कांग्रेस गहलोत खेमा vs सचिन पायलट खेमा का चैलेंज टिकट बंटवारे से पहले साध पाई है? 'आज का दिन' में सुनने के लिए क्लिक करें.
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मध्यप्रदेश में बीजेपी ने उम्मीदवारों की पाँच सूची जारी कर चुकी है. लेकिन अब इसके असर दूसरे तरीके से दिख रहे हैं. टिकट वितरण से नाराज नेता और कार्यकर्ता सड़कों पर भी दिख रहे हैं. और ये केवल भाजपा के साथ नहीं है. यही हाल कांग्रेस का भी है. यानी भोपाल में शिवराज सिंह चौहान से लेकर विपक्ष के नेता कमलनाथ तक – अपनी अपनी पार्टी के नाराज धड़ों का विरोध झेल रहे हैं. राजनीतिक रण में कार्यकर्ताओं और नेताओं के लिहाज से काफी अनुशासित कही जाने वाली भाजपा इस बार मध्यप्रदेश में क्यों असंतोष से गुजर रही है और ये किस पैमाने पर है और कांग्रेस के लिए ये मुश्किल कैसी है? 'आज का दिन' में सुनने के लिए क्लिक करें.
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और कल शाम जब हम और आप अपने अपने दफ़्तरों से लौट रहे थे,चेन्नई के चेपॉक क्रिकेट स्टेडियम में एक इतिहास बन गया. अफगानिस्तान ने पाकिस्तान के खिलाफ वनडे की पहली जीत हासिल कर ली है. ये अफ़गानी टीम का दूसरा बड़ा उलटफेर था. अफगानिस्तान इसी टूर्नामेंट में डिफेंडिंग चैंपियन इंग्लैंड को भी हरा चुका है.चेन्नई के चेपॉक मैदान पर पाकिस्तान ने टॉस जीतकर बैटिंग चुनी थी और रन बनाए 282. अफगानिस्तान ने 49 ओवर में 2 विकेट खोकर ये टारगेट हासिल कर लिया. अफ़ग़ानिस्तान की इस जीत के फैक्टर्स क्या रहे और ऐसे परिणामों के बाद वर्ल्ड कप का गणित कैसे बदलने जा रहा है? 'आज का दिन' में सुनने के लिए क्लिक करें.