एयरफोर्स प्रमुख चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने बुधवार को पुणे स्थित कृत्रिम अंग केंद्र (Artificial Limb Centre) का दौरा किया, जहां उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान घायल हुए कॉर्पोरल वरुण कुमार से मुलाकात की. इस मौके पर वायु सेना प्रमुख ने सेंटर में भर्ती अन्य मरीजों से भी बातचीत की और केंद्र की गतिविधियों के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की.
वायु सेना प्रमुख ने केंद्र के कमांडेंट, डॉक्टरों और कर्मचारियों की उत्कृष्ट सेवा और समर्पण की सराहना की. साथ ही उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की.
'जवानों को नया जीवन देता है सेंटर'
उन्होंने कहा, 'कृत्रिम अंग केंद्र का कार्य न केवल तकनीकी रूप से उत्कृष्ट है, बल्कि यह हमारे जवानों और मरीजों के लिए एक नया जीवन प्रदान करता है. यहां का समर्पण और मानवता के प्रति प्रतिबद्धता प्रेरणादायक है.'
उन्होंने केंद्र के कर्मचारियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि उनका काम न केवल वायु सेना के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का विषय है.
दरअसल, कृत्रिम अंग केंद्र, पुणे भारतीय वायु सेना के उन जवानों और व्यक्तियों के लिए एक महत्वपूर्ण संस्थान है जो युद्ध या अन्य परिस्थितियों में अंग खो देते हैं. ये केंद्र अत्याधुनिक तकनीकों और उपकरणों के माध्यम से कृत्रिम अंग प्रदान करता है, जिससे मरीजों को अपने जीवन को सामान्य रूप से जीने में मदद मिलती है.
कौन हैं वरुण कुमार
कॉर्पोरल वरुण कुमार ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अपनी वीरता का परिचय देते हुए दुश्मन को पीछे हटने को मजबूर कर दिया. इसी दौरान वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे. उन्होंने वायु सेना प्रमुख के साथ अपने अनुभव साझा किए.