आज अजित पवार ने सिर्फ सियासी रिश्तों की डोर नहीं तोड़ी बल्कि निजी रिश्तों में चाचा और भतीजे की मर्यादा की लक्ष्मण रेखा को लांघ गए. आज अजित पवार ने जो किया और जो कहा उसका सियासी मतलब आपको समझाते हैं.