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दिलीप पाटिल के महाराष्ट्र के नये गृहमंत्री बनने की चर्चा, जानें सियासी सफर

होम मिनिस्टर पद के लिए दिलीप पाटिल का नाम काफी समय से चर्चा में था. वर्तमान सरकार में आबकारी एवं श्रम विभाग के मंत्री का पद संभाल रहे दिलीप साल 1990 में पहली बार कांग्रेस पार्टी से अम्बेगांव से बतौर विधायक चुनकर आए थे.

दिलीप वाल्से पाटिल (फाइल फोटो) दिलीप वाल्से पाटिल (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 1990 में पहली बार बने थे विधायक
  • 2009 में महाराष्ट्र विधानसभा के स्पीकर चुने गए थे दिलीप पाटिल

अनिल देशमुख के गृह मंत्री के पद से इस्तीफे के बाद दिलीप पाटिल महाराष्ट्र के नए गृह मंत्री बन सकते हैं. जानकारी के अनुसार दिलीप पाटिल को गृह मंत्री बनाया जा सकता है. बता दें कि महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. मुंबई के पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह ने बीते दिनों एक चिट्ठी लिख कर अनिल देशमुख पर 100 करोड़ रुपये की वसूली करवाने का आरोप लगाया था. इसी के बाद से ही अनिल देशमुख हर किसी के निशाने पर थे.

होम मिनिस्टर पद के लिए दिलीप पाटिल का नाम काफी समय से चर्चा में था. वर्तमान सरकार में आबकारी एवं श्रम विभाग के मंत्री का पद संभाल रहे दिलीप साल 1990 में पहली बार कांग्रेस पार्टी से अम्बेगांव से बतौर विधायक चुने गए. जिसके बाद 1999 में उन्होंने एनसीपी का दामन थाम लिया. इसी साल उन्हें विलासराव देशमुख की कैबिनेट में मंत्रीपद भी हासिल हुआ. वहीं साल 2009 में उन्हें महाराष्ट्र असेम्बली का स्पीकर भी चुना गया.      

अनिल देशमुख पर लगे आरोपों पर बॉम्बे हाईकोर्ट का फैसला

सोमवार को जब बॉम्बे हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ सीबीआई जांच को मंजूरी दी, तो अनिल देशमुख ने इस्तीफा देने की बात कही है. मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए सोमवार को बॉम्बे हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. '100 करोड़ रुपये' वसूली के आरोपों की जांच अब सीबीआई करेगी.

महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख पर लगाए गए आरोपों पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने ये फैसला सुनाया है. हालांकि, सीबीआई तुरंत इस मामले में केस दर्ज नहीं करेगी. याचिका पर अपना फैसला सुनाते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि इस मामले में एफआईआर हुई है, पुलिस से जांच की अपील की गई थी. कोर्ट ने कहा कि अनिल देशमुख पर ये आरोप लगाए गए हैं, और वो ही राज्य के गृह मंत्री हैं. ऐसे में निष्पक्ष जांच के लिए पुलिस पर निर्भर नहीं रह सकते हैं. इसलिए सीबीआई को इस मामले की जांच करनी चाहिए. 

 

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