मंदिर में महिलाओं के प्रवेश के लिए इजाजत और पुरुषों के बराबर अधिकार के लिए आंदोलन करने वाली तृप्ति देसाई इस बार महिलाओं के लिए आंदोलन कर रही हैं. महाराष्ट्र में शिरडी साईं बाबा मंदिर के अधिकारियों ने कुछ बोर्ड लगाए थे, जिनपर श्रद्धालुओं से ''सभ्य'' तरीके के वस्त्र पहनने को कहा गया था. जिसके बाद सामाजिक कार्यकर्ता तृप्ति देसाई ने इस ड्रेस कोड के खिलाफ आंदोलन करने की बात कही और मंदिर की ओर निकल पड़ीं.
हालांकि, इससे पहले वो अपने 20 समर्थकों संग शिरडी मंदिर पहुँचती उनको पुणे नगर बॉर्डर से पुलिस ने हिरासत में ले लिया. पूरा दिन तृप्ति देसाई पुलिस की हिरासत में रहीं. हालांकि, 31 अगस्त से पहले बोर्ड को हटाने के लिए तृप्ति देसाई ने साईं बाबा मंदिर ट्रस्ट को फिर से चेताया है. यह पूछे जाने पर कि उन्होंने कानूनी रास्ता क्यों नहीं चुना?, तो देसाई ने कहा कि वह आंदोलन में विश्वास रखती हैं ...।
गौरतलब है कि इससे पहले तृप्ति देसाई की ऐसी धमकियों के बाद मंदिर में उनके प्रवेश पर रोक लगाई गई थी. उप-संभागीय मजिस्ट्रेट (शिरडी क्षेत्र) गोविंद शिंदे ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए देसाई को एक नोटिस भी जारी किया, जिसमें उनसे निकटवर्ती अहमनगर जिले के शिरडी में आठ दिसंबर मध्यरात्रि से 11 दिसंबर मध्यरात्रि तक प्रवेश नहीं करने के लिये कहा गया.
मालूम हो कि गुरुवार सुबह भूमाता ब्रिगेड की अध्यक्ष तृप्ति देसाई 20 अन्य महिला सहयोगियों के साथ टेम्पो ट्रैवलर में बैठकर शिरडी मंदिर के लिए रवाना हुई. लेकिन सुपा टोल प्लाजा के पास अहमदनगर पुलिस ने सभी को रोक लिया. हालांकि, शाम को उनको रिहा कर दिया गया.
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वहीं शिवसेना की महिला इकाई और ब्राह्मण महासंघ ने तृप्ति देसाई को मंदिर में नहीं घुसने और बोर्ड नहीं हटाने की चेतावनी दी है.