18वीं शताब्दी के मैसूर के शासक टीपू सुल्तान को लेकर एक बार फिर सियासत गहरा गई है. कांग्रेस ने बीजेपी पर टीपू सुल्तान को लेकर दोहरे रवैये के आरोप लगाए हैं. महाराष्ट्र कांग्रेस नेता सचिन सावंत का कहना है कि बीजेपी अपने ध्रुवीकरण का एजेंडा चलाने के लिए टीपू सुल्तान पर राजनीति करती है.
कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत ने दावा किया कि बीजेपी नेताओं ने पहले कई बार टीपू सुल्तान का समर्थन किया है. उन्होंने बताया कि बीजेपी पहले टीपू सुल्तान की तारीफ करती थी, लेकिन अब अपने ध्रुवीकरण के एजेंडे के लिए उन्हें बुरा बताती है.
एजेंसी के मुताबिक, सावंत ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए पूछा, इस पाखंड को क्या कहा जाना चाहिए? टीपू सुल्तान भगवान राम के नाम वाली अंगूठी पहनते थे. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी अब टीपू सुल्तान को धार्मिक विभाजन पैदा करने की रणनीति लिए नकारात्मक रूप से पेश कर रही है.
बीजेपी पर लगाए टीपू सुल्तान की तारीफ के आरोप
सावंत ने दावा किया कि 2012 में भगवा पार्टी ने अकोला नगर निगम में स्थायी समिति के हॉल का नाम 'शहीद-ए-वतन शेर-ए-मैसूर टीपू सुल्तान' रखने का प्रस्ताव पेश किया था. इसे पूर्व मेयर और वर्तमान बीजेपी अकोला चुनाव प्रभारी विजय अग्रवाल ने प्रस्तावित किया था. उनके मुताबिक 2013 में बीजेपी पार्षदों ने मुंबई के एम-ईस्ट वार्ड में एक सड़क का नाम 'शहीद टीपू सुल्तान मार्ग' रखने के प्रस्ताव का समर्थन किया था.
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कांग्रेस नेता ने दावा किया कि 2001 में, पूर्व बीजेपी सांसद गोपाल शेट्टी और पार्टी पार्षदों की उपस्थिति में अंधेरी (पश्चिम) में सर्वसम्मति से एक सड़क का नाम 'शेर-ए-मैसूर टीपू सुल्तान मार्ग' रखा गया था.
पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का भी लिया नाम
सावंत ने ये भी दावा किया कि बीजेपी नेता और कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बी. एस. येदियुरप्पा ने टीपू सुल्तान की मजार का दौरा किया था और विजिटर बुक में तारीफ भी की थी. उन्होंने आरोप लगाया कि 2017 में तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी कर्नाटक विधानसभा में टीपू सुल्तान की तारीफ की थी.
क्या है पूरा मामला?
बता दें कि 14 फरवरी को मालेगांव में टीपू सुल्तान की तस्वीर को लेकर विवाद हो गया था. ये विवाद अब महाराष्ट्र की राजनीति में छत्रपति शिवाजी महाराज से तुलना तक पहुंच गया है. कांग्रेस नेता हर्षवर्धन सकपाल ने अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष के संदर्भ में दोनों की तुलना की, जिसे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने निंदनीय बताते हुए तीखी आलोचना की.
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एक तरफ कांग्रेस और कुछ संगठन टीपू सुल्तान को अंग्रेजों से लड़ने वाला वीर योद्धा मानते हैं, वहीं बीजेपी, शिवसेना और हिंदू संगठन उन्हें धार्मिक रूप से कट्टर और पक्षपाती बताकर इस तुलना का कड़ा विरोध कर रहे हैं.