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‘गरीबी छुपाओ’: डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर शिवसेना ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे के लिए गुजरात में तैयारियां चल रही हैं. यहां दुनिया के सबसे बड़े स्टेडियम में ‘नमस्ते ट्रंप’ कार्यक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति हजारों लोगों को संबोधित करेंगे.

डोनाल्ड ट्रंप के दौरे के लिए तैयारियां शुरू डोनाल्ड ट्रंप के दौरे के लिए तैयारियां शुरू

  • शिवसेना का मोदी सरकार पर निशाना
  • ट्रंप के भारत दौरे से पहले सरकार को घेरा
  • अहमदाबाद में बन रही दीवार का मुद्दा उठाया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पहले भारत दौरे में अब कुछ ही दिन बचे हैं और यहां तैयारियां जोर शोर से चल रही हैं. डोनाल्ड ट्रंप के गुजरात के अहमदाबाद दौरे से पहले वहां पर झुग्गियों को छुपाने के लिए दीवार बनाई जा रही है. अब इसी मसले पर भारतीय जनता पार्टी की पुरानी साथी शिवसेना ने सरकार को घेरा है. सामना में लिखा गया है कि अमेरिका के राष्ट्रपति अर्थात ‘बादशाह’ अगले सप्ताह हिंदुस्तान दौरे पर आनेवाले हैं इसलिए अपने देश में जोरदार तैयारी शुरू है. लेख में लिखा गया है कि जब गुलाम हिंदुस्तान में इंग्लैंड के राजा आते थे, तब ऐसा होता था.

शिवसेना ने मुखपत्र सामना में डोनाल्ड ट्रंप की यात्रा पर लिखा है कि बादशाह ट्रंप क्या खाते हैं, पीते हैं हर चीज़ पर नज़र रखी जा रही है. गुलाम हिंदुस्तान में इंग्लैंड के राजाओं के आने पर ऐसी तैयारियां होती थीं. शिवसेना ने लिखा कि डोनाल्ड ट्रंप कोई धर्मराज या सत्यवादी नहीं हैं बल्कि एक उद्योगपति हैं जो पैसे के दम पर राजनीति करते हैं.

सामना में डोनाल्ड ट्रंप के स्वागत में जारी तैयारियों पर तंज कसते हुए लिखा है कि ट्रंप कोई बड़े बुद्धिजीवी, प्रशासक, दुनिया का कल्याण करनेवाले विचारक हैं क्या? निश्चित ही नहीं लेकिन सत्ता पर बैठे व्यक्ति के पास होशियारी की गंगोत्री है. यह मानकर ही दुनिया में व्यवहार करना पड़ता है. सत्ता के सामने होशियारी चलती नहीं बाबा! ‘मौका पड़े तो गधे को भी बाप कहना पड़ता है’, यह दुनिया की रीत है.

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अहमदाबाद के पास बन रही दीवार पर भी सवाल खड़े किए गए. सामना में लिखा गया कि मोदी ने ट्रंप को पहले गुजरात में ले जाने का तय किया है और उनके निर्णय का आदर होना चाहिए. डोनाल्ड ट्रंप अहमदाबाद एयरपोर्ट पर उतरेंगे इसलिए एयरपोर्ट और एयरपोर्ट के बाहर की सड़कों की ‘मरम्मत’ शुरू है.

शिवसेना ने लिखा है कि बजट में हुई घोषणा का रूपांतरण अब ‘गरीबी छुपाओ’ इस योजना में हुआ दिख रहा है. नए वित्तीय बजट में उसके लिए अलग से आर्थिक प्रावधान किए गए हैं क्या? पूरे देश में ऐसी दीवारें खड़ी करने के लिए अमेरिका, हिंदुस्तान को कर्ज देगा क्या?

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