महाराष्ट्र के ठाणे नगर निगम (TMC) में एक वरिष्ठ अधिकारी को भ्रष्टाचार और लापरवाही के गंभीर आरोपों के चलते सस्पेंड कर दिया गया है. निलंबन की यह कार्रवाई बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद हुई है, जिसमें अदालत ने स्पष्ट रूप से प्रशासनिक मशीनरी की भूमिका पर सवाल उठाए थे.
ठाणे नगर निगम के मुताबिक, वर्तमान में कानूनी सहायक (Legal Assistant) पद पर कार्यरत फारूख शेख को नगर आयुक्त के आदेश पर सस्पेंड किया गया है. इससे पहले वे ठाणे के दीवा (Diva) क्षेत्र के सहायक आयुक्त (Assistant Commissioner) के पद पर कार्यरत थे. मामला तब सामने आया जब दीवा क्षेत्र में अवैध निर्माण को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई.
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याचिका में आरोप लगाया गया कि फारूख शेख ने अपने कार्यकाल के दौरान अवैध निर्माणों के विरुद्ध कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की और जानबूझकर मामले को नजरअंदाज किया. हाईकोर्ट ने 12 जून को दिए अपने आदेश में कहा कि इतने बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य बिना अधिकारियों की सहमति और संरक्षण के संभव नहीं हो सकते. यह सीधे तौर पर कानून व्यवस्था की अनदेखी और भ्रष्ट आचरण को दर्शाता है.
अदालत ने नगर आयुक्त को निर्देश दिया कि वे संबंधित अधिकारी का रिकॉर्ड पुनः जांचें और प्रारंभिक जांच शुरू करें. इन निर्देशों के आधार पर नगर आयुक्त ने तुरंत कार्रवाई करते हुए फारूख शेख को सस्पेंड कर दिया और उनके खिलाफ विभागीय जांच की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है. यह मामला प्रशासनिक निष्पक्षता और जवाबदेही की एक अहम मिसाल बनकर सामने आया है, जिससे साफ संदेश गया है कि भ्रष्टाचार किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.