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जालना रेप केस: रेप पीड़िता को चारे के तौर पर इस्तेमाल किया पुलिस ने, हुआ दूसरी बार रेप

जालना रेप केस में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. दो बार रेप का शिकार हुई पीड़िता को पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए चारे के तौर पर इस्तेमाल किया था. आंतरिक जांच में हुए खुलासे के मुताबिक पुलिस ने मामले के एफआईआर दर्ज होने और पीड़िता के मेडिकल जांच होने से पहले ही उसे आरोपियों को पकड़ने के लिए चारे के तौर पर इस्तेमाल किया था.

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जालना रेप केस में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. दो बार रेप का शिकार हुई पीड़िता को पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए चारे के तौर पर इस्तेमाल किया था. आंतरिक जांच में हुए खुलासे के मुताबिक पुलिस ने मामले के एफआईआर दर्ज होने और पीड़िता के मेडिकल जांच होने से पहले ही उसे आरोपियों को पकड़ने के लिए चारे के तौर पर इस्तेमाल किया था.

पुलिस के अनुसार 6 जुलाई की शाम पीड़िता अपने एक पुरुष दोस्त के साथ नावा रोड पर जा रही थी जब यह घटना घटी. दो लोगों ने उसका पीछा किया और उसे जंगलों की तरफ खींच कर उसके साथ रेप की घिनौनी वारदात को अंजाम दिया. आरोपियों ने पीड़िता का मोबाइल छीन लिया और कथित तौर पर इस घटना की वीडियो भी बनाई. उन्होंने मोबाइल वापस करने के एवज में पीड़िता से 2 हजार रुपये मांगे.

घटना की अगली सुबह दस बजे पीड़िता ने तालुका थाने में इस बाबत रिपोर्ट दर्ज कराई. जब वह शिकायत दर्ज ही करा रही थी कि इतने में ही उसके पास आरोपी का फोन आया. उसने पीड़िता को मंथा चौक पर 2 हजार लेकर आने और मोबाइल ले जाने को कहा. पुलिस ने एफआईआर पूरी दर्ज किए बिना एक योजना बनाई. दिन के 2.30 बजे एक महिला कॉन्सटेबल ने पीड़िता को आरोपी के बताए स्थान पर पहुंचाया. दो पुलिसवाले सादे कपड़ों में पीड़िता का पीछा कर रहे थे. हालांकि यह योजना बेकार रही क्योंकि आरोपी मौके पर पहुंचा ही नहीं.

पुलिस ने इसके बाद आरोपी को पकड़ने के लिए एक और जाल बिछाया. 9 जुलाई को आरोपी ने एक बार फिर पीड़िता को फोन कर उसे अपना फोन ले जाने को कहा. योजना के मुताबिक पुलिस पीड़िता को अपनी गाड़ी से मौके पर छोड़ने वाली थी. दुर्भाग्य से पीड़िता ने पुलिस की एक दूसरी पेट्रोलिंग वाहन को देख इसे सिंग्नल समझा और मौके के लिए रवाना हो गई. मौके पर पीड़िता को अकेला पाकर आरोपी ने उसके साथ दूसरी बार रेप किया.

दूसरी बार रेप के बाद पकड़े गए आरोपी
घटना के बाद पीड़िता दोबारा पुलिस के पास गई और उसने उन्हें पूरी घटना की जानकारी दी. पुलिस ने उस पूरे इलाके में तलाशी अभियान चलाया और दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया. पुलिस ने उनसे मोबाइल भी बरामद किया, लेकिन मोबाइल में कोई भी आपत्तिजनक विडियो नहीं मिला.

SDO दीक्षित कुमार गेडाम को जांच का जिम्मा
इंस्पेक्टर जनरल विश्वास नांगरे पाटिल ने बताया कि उन्होंने सब-डिविजनल अधिकारी दिक्षित कुमार गेडाम को मामले की जांच का आदेश दे दिया है. पुलिस ने हालांकि आरोपियों का नाम नहीं बताया, लेकिन उनका मानना है कि हो सकता है कि उन्होंने पहले भी इस तरह के अपराध को अंजाम दिया हो.

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