महाराष्ट्र के पुणे में लौकी का जूस पीने से एक सॉफ्टवेयर कंसलटेंट की मौत हो गई है. 42 साल की गौरी एक प्राइवेट कंपनी में काम करती थीं. गौरी सेहत को लेकर काफी जागरूक भी रहती थीं. उन्हें डायबिटीज, ब्लड प्रेशर जैसी कोई बीमारी नहीं थी.
गौरी सेहत अच्छी रखने के लिए एक्सरसाइज भी करती थीं और कुछ दिनों से उन्होंने फलों और सब्जियों का रस पीना भी शुरु किया था. 11 जून को पांच किलोमिटर की जॉगिंग करने के बाद गौरी घर आईं और उन्होंने घर के मिक्सर पर लौकी का जूस बनाया.
लौकी के जूस में उन्होंने गाजर का जूस भी मिलाया. उसके बाद गौरी ऑफिस जाने के लिए निकलीं लेकिन कार मे ही उनको उल्टी आनी शुरू हो गई. वो जैसे तैसे घर पहुंचीं लेकिन उनकी हालत तेजी से बिगड़ती चली गई. जिसके चलते उन्हें इलाज के लिए एक निजी अस्पताल मे भर्ती करना पडा.
डॉक्टरों ने चार दिन इलाज करके गौरी को बचाने की कोशिश की लेकिन नाकाम रहे. लौकी की वजह से शरीर में फैले जहर की वजह से गौरी को खून की उल्टी हुई और ब्रेन हैमरेज भी हुआ. 16 जून को गौरी की मौत हो गई.
इस घटना से कई सवाल खड़े हो गए हैं. लौकी में ऐसा क्या है जो गौरी के लिए जानलेवा साबित हुआ? लौकी का जूस पीना चाहिए या नहीं ? अगर पीना है तो किस तरीके से पीना चाहिए? और जहरीली लौकी की पहचान कैसे की जाए?