महाराष्ट्र के पुणे सोलापुर हाइवे पर 55 किलोमीटर दूरी पर चौफुला गांव में एक रेस्तरां अपने नॉन-वेज खाने के लिए काफी मशहूर हो रहा है. इस रेस्तरां का नाम है 'जय तुलजा भवानी' और इसकी मालकिन हैं 68 वर्षीय कुसुमबाई. दरअसल उनके पति ने इस रेस्तरां की स्थापना 1979 में की थी. ये रेस्तरां अपनी कई डिशेज के लिए मशहूर है. भुनी हुई मटन रान, चिकन रान, सूखा मटन, आलनि चिकन और भाप पर बनी मटन बिरयानी. कुसुमबाई से जब रेस्तरां की खासियत के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि 1979 में उनके पति ने ये रेस्तरां शुरू किया था. तब वह बकरियां चराने का काम कराती थीं और पति मल्हार गडदे होटल संभालते थे.
तब कुसुमबाई की जिम्मेदारी रेस्तरां के खाने में इस्तेमाल होने वाले मसाले तैयार करने की थी. मसाले वह घर पर ही तैयार करती थीं. यह मसालों की खासियत ही है कि बहुत से उनके होटल में खाना पसंद करने लगे. बिजनेस बढ़ा और 1980 से कुसुमबाई ने होटल में ज्यादा समय देना शुरू किया. खाने में इस्तेमाल होने वाले मसाले घर आज भी घर पर ही तैयार किए जाते हैं.

रेस्तरां की सफलता के राज के बारे में पूछने पर कुसुमबाई ने बताया कि आज भी घर के अधिकतर लोग उनके साथ मिलकर रेस्तरां की जिम्मेदारी संभाले हुए हैं. हर एक डिश पकाने पर विशेष ध्यान दिया जाता है. भाप पर तैयार होने वाली मटन दम बिरयानी को पकने में तीन घंटे लगते हैं. वैसे ही मटन रान पकाने के लिए खास चूल्हा-भट्टी का इस्तेमाल होता है.

रेस्तरां में आज ग्राहकों की संख्या इतनी बढ़ गई है कि खाने का ऑर्डर दो से तीन घंटे पहले देना पड़ता है. 68 वर्ष की कुसुमबाई सफलता से अनके परिवार के साथ मिलकर ये रेस्तरां चला रही हैं. इस रेस्तरां का खाना सिलेब्स के बीच भी काफी मशहूर है. WWE पहलवान 'दी ग्रेट खली' भी यहां के खाने का लुत्फ ले चुके हैं.